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Sunday, 8 March 2015




महिला दिवस के मौके पर चुना वैराग्य का जीवन, डबवाली के इतिहास में पहली बार 
डबवाली--------
जिस उम्र में लड़कियां भविष्य के सुनहरे सपने संजोती है, अपने होने वाले जीवन साथी व घर परिवार को लेकर चिंतित होती है। उस उम्र में शहर निवासी गरिमा जैन ने अच्छी शिक्षा ग्रहण करने के बावजूद भी जीवन के सभी रंगीनियों को छोड़कर अपने लिए वैराग्य का मार्ग चुना है। यह एक ऐसा मार्ग है जिसे अपनाने के बाद श्रृंगार, गहने, सुंदर कपडे, खान-पान व जीवन के सब रिश्ते नाते भी पीछे छूट जाएंगे। गरिमा जैन की उम्र मात्र 24 वर्ष है।  मूलत: गांव सावंतखेड़ा के निवासी हैं।
डबवाली के इतिहास में पहली बार हो रहा है की कोई 24 वर्षीय लड़की वैराग्य का मार्ग चुन रही है वहीँ गरिमा जैन ने यह फैसला खुद लिया और वह खुद पोस्ट ग्रेजुएट करने के बाद भी जिन्दगी भर वैराग्य का मार्ग चुनने जा रही है
महिला को त्याग की मूरत कहा जाता है। त्याग की परंपरा बरकरार रखते हुए शहर में आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर एक युवती संसारिक बंधनों से मुक्त होकर सन्यासी बन गयी ।  अनाज मंड़ी में बैरागन बनी गरिमा का दीक्षा समारोह ऐतिहासिक बन गया ।शोभायात्रा  में गरिमा चार घोड़ों वाले रथ में सवार होकर अनाज मंडी में पहुंची ।
वहीँ खास बात यह भी है कि  गरिमा जैन ने  एमबीए, एमए पास है और पंजाबी, हिंदी तथा अंग्रेजी भाषा के साथ-साथ प्राकृतिक तथा उर्दू भाषा भी सीखी है। उन्हें जैन साध्वी करूणा को अपना गुरु मानकर दो वर्ष तक शिक्षा प्राप्त की। वहीँ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर दीक्षा प्राप्त की । दीक्षा समारोह से पहले शनिवार को मेहंदी की रस्म अदा की गई।
वर्ष 1980 तक डबवाली में रहे व फिर संगरिया में कारोबार जमा लिया। बड़ी बहन चारू की शादी हो चुकी है व छोटा भाई हिमांशु बीसीए कर रहा है। गरिमा ने अंग्रेजी में एमए व एमबीए की पढ़ाई की है। इसके बावजूद मन में जीवन के प्रति वैराग्य आ गया है इसलिए जैन धर्म की दीक्षा लेकर साध्वी का चोला पहनने का फैंसला लेकर कठिन तपस्या भरा जीवन जीने का निर्णय लिया है। गरिमा जैन ने बताया कि उन्होंने बचपन में ही ठान लिया था कि वह शादी नहीं करेंगी और मदर टेरेसा के जीवन का अनुसरण करते हुए ताउम्र समाजसेवा करेंगी। वर्षों से परिवार जैन धर्म से जुड़ा हुआ है व इस दौरान जब जैन साध्वियों के सपंर्क में आई तो उनसे प्रभावित हुई।
 गरिमा जैन ने सभी के लिए संदेश देते हुए कहा कि यदि लोग नवंकार मंत्र के एक शब्द को भी अपने जीवन में उतार लें तो उनका जीवन बिना शास्त्रों को पढ़े ही सफल हो जाएगा।                    
बाईट-----गरिमा जैन

Saturday, 7 March 2015

अतरराष्ट्रीय महिला दिवस ।महिलाओ की सुरक्षा पर ध्यान दे सरकार, आज भी महफूज नहीं महिलाए----वीमेनडे स्पेशल 
महिला दिवस पर ले प्रण - जागरूक होना भी जरुरी--डॉ0 उषा भट्टी       
मंडी डबवाली ----

भारत में नारी को प्रथम स्थान दिया जाता है । यह दिन महिलाओं को उनकी क्षमता, सामाजिक, राजनैतिक व आर्थिक तरक्की दिलाने व उन महिलाओं को याद करने का दिन है |इसी दिन महिलाओ को उनके ऊचें रुतबे के लिए सम्मानित किया जाता है
महिला सशक्तिकरण, महिला सुरक्षा, महिला भागीदारी आदि विषयों की सार्थकता तभी है जब देश और दुनिया की महिलाएं जाग्रत हो जाएं। केवल महिला ही एक एसी देवी है जो जिन्दगी के हर मोड़ पर बेटी, बहन, मां, दादी के रूप में नारी चार पीढिय़ों का पालन करती है। केवल कानून बना देने से ही समाज या महिलाओं का भला नहीं हो सकता है। इसके लिए हमें अपनी सोच को बदलना होगा। यह बात अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जब हमने अलग अलग वर्ग की महिलाओ से बात चीत की तो उन्होंने अपने मत पेश किये 
वहीँ सच तो यह भी है की परिवार में महिला की सहभागिता होने से समाज का विकास होता है। इसके लिए महिलाओं का शिक्षित होना जरूरी है।साथ ही हर माता-पिता अपनी बेटियों को पढ़ाएं। बेटियों को समाज में पढ़ा लिखाकर उच्च शिक्षा प्रदान कराए। जब बेटियां उच्च पदों पर आसीन होगी तो हमारे गांव, क्षेत्र का नाम रोशन करेंगी। महिलाओं के बिना योगदान के विकास संभव नहीं है। महिलाएं हमारे समाज का अभिन्न अंग है। 
आज हर वर्ग पर महिलाओ की सदस्यता देखी जा सकती है समाज में उपजी सामाजिक, आर्थिक व राजनैतिक समस्याओं का निराकरण महिलाओं की साझेदारी के बिना नहीं पाया जा सकता ।  जब हमने इस मुद्दे को लेकर पुरे शहर में अलग लग जगहों पर जाकर महिलाओ, छात्रओं से बात की तो तमाम सवाल निकल कर सामने आये ------उन्होंने कहा कि आजादी  बाद भी महिलाएँ सामाजिक,आर्थिक और राजनैतिक रूप से पिछड़ी हुई हैं। महिलाओं पर हिंसा बढ़ रही है। यह हिंसाघरेलू हिंसा,काम के स्थान पर यौन हिंसा, बलात्कार,दहेज हत्या,कन्या भ्रूण हत्या,इज्जत के नाम पर हत्याएं व्याप्त है। सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने व महिलाओं को रोजगार उपलध करवाने की मांगकी गई।

आपको बता दे की भारत में भी महिला दिवस व्यापक रूप से मनाया जाने लगा है। पूरे देश में इस दिन महिलाओं को समाज में उनके विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया जाता है और समारोह आयोजित किए जाते हैं। वैसे अगर बात की जाये तो हर वर्ष हर महिला दिवस पर महिलाओं के लिए काम कर रहे कई संस्थानों द्वारा जगह-जगह महिलाओं के लिए प्रशिक्षण शिविर लगाए जाते हैं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। समाज, राजनीति, संगीत, फिल्म, साहित्य, शिक्षा क्षेत्रों में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए महिलाओं को सम्मानित किया जाता है। कई संस्थाओं द्वारा गरीब महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
भारत में एक महिला को शिक्षा का, वोट देने का अधिकार और मौलिक अधिकार प्राप्त है। धीरे धीरे परिस्थितियाँ बदल रही हैं। भारत में आज महिला आर्मी, एयर फोर्स, पुलिस, आईटी, इंजीनियरिंग, चिकित्सा जैसे क्षेत्र में पुरूषों के कंधे से कंधा मिला कर चल रही हैं। माता-पिता अब बेटे-बेटियों में कोई फर्क नहीं समझते हैं। लेकिन यह सोच समाज के कुछ ही वर्ग तक सीमित है।

सही मायने में महिला दिवस तब ही सार्थक होगा जब विश्व भर में महिलाओं को मानसिक व शारीरिक रूप से संपूर्ण आज़ादी मिलेगी, जहाँ उन्हें कोई प्रताड़ित नहीं करेगा, जहाँ उन्हें दहेज के लालच में जिन्दा नहीं जलाया जाएगा, जहाँ कन्या भ्रूण हत्या नहीं की जाएगी
फिलहाल सभी पहुलओं पर एक नजर रखने के बाद  सवाल यही उठता है कि इस दिवस को सही मायनों में मनाने का फायदा तभी होगा जब महिलाए महफूज होगी, सरकारे समय के साथ महिलाओ की सुरक्षा के प्रति ठोस कानून बनाए और गंभीरता से ले,  समाज के हर महत्वपूर्ण फैसलों में महिलाओ के नज़रिए को महत्वपूर्ण तभी समझ सकते है जब उन्हें भी पुरूष के समान एक इंसान समझा जाएगा। जहाँ वह सिर उठा कर अपने महिला होने पर गर्व करे, न कि पश्चाताप कि काश मैं एक लड़का होती।

Sunday, 1 March 2015

शहर में हो जाएगी अब किल्लत ख़त्म, मिलेगा पूरा नहरी पानी


   डबवाली

इनगर्मियों में शहर वालों को भरपूर नहरी पीने का पानी मिलेगा। इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने मांगेआना के पास से गांव डबवाली जलघर तक बड़ी पाइप लाइप लाइन डालने का काम तेजी से शुरू किया जा रहा है। यहां से शहर की अधिकतर आबादी को पानी सप्लाई किया जाता है।
गांव डबवाली के जलघर से शहर के अधिकतर क्षेत्रों को पानी मिलता है। फिलहाल कैनाल बेस्ड रॉ वाटर की आपूर्ति की कमी के कारण अधिकतर इलाकों में नहरी के साथ टयूबवेल का पानी मिक्स कर सप्लाई किया जाता है। इससे जनस्वास्थ्य विभाग ने इस साल गर्मियों में नहरी पानी की पेयजल सप्लाई बढ़ाने के लिए गांव डबवाली के जलघर की बढ़ी क्षमता के अनुसार नहरी पानी लाने के लिए मांगेआना के पास नहर से जलघर तक बड़ी पाइप लाइन डालने का काम शुरू कर दिया है।
विभाग की ओर से प्रोजेक्ट पर एक करोड़ 65 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। जिससे गांव डबवाली शहर की करीब 35 हजार आबादी क्षेत्र को लाभ होगा।
अब मिक्स करके दिया जाता है पानी
जलघरमें अभी तीन टैंक रॉ वॉटर के लिए बने हैं। जिनमें पाइप लाइन डालने के बाद नहरी पानी का कनेक्शन बड़ा कर दिए जाने से स्टोरेज ज्यादा कम समय में होगी। इससे शहर में अब हो रहे प्रति व्यक्ति 120 लीटर पानी सप्लाई को 155 लीटर प्रति व्यक्ति कर दिया जाएगा। जिसके लिए मौजूदा 3500 लीटर पर मिनट सप्लाई मोटरों की जगह दोगुनी क्षमता की मोटरें अन्य उपकरण लगाए जाएंगे। इसके बाद अब सप्लाई हो रहे पानी में करीब 20 प्रतिशत तक मिश्रित किया जा रहा टयूबवेल का पानी पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा और प्रति व्यक्ति 155 लीटर प्रति दिन क्लोरीन युक्त स्वच्छ नहरी पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
मोटरों की क्षमता भी बढ़ेगी
जलघरमें अभी तीन टैंक रॉ वॉटर के लिए बने हैं। जिनमें पाइप लाइन डालने के बाद नहरी पानी का कनेक्शन बड़ा कर दिए जाने से स्टोरेज ज्यादा कम समय में होगी। इससे शहर में अब हो रहे प्रति व्यक्ति 120 लीटर पानी सप्लाई को 155 लीटर प्रति व्यक्ति कर दिया जाएगा। जिसके लिए मौजूदा 3500 लीटर पर मिनट सप्लाई मोटरों की जगह दोगुनी क्षमता की मोटरें अन्य उपकरण लगाए जाएंगे। इसके बाद अब सप्लाई हो रहे पानी में करीब 20 प्रतिशत तक मिश्रित किया जा रहा टयूबवेल का पानी पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा और प्रति व्यक्ति 155 लीटर प्रति दिन क्लोरीन युक्त स्वच्छ नहरी पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
36 इंच मोटी डाली जा रही पाइप लाइन
माइनरनंबर 6 से जलघर तक करीब ढाई किलोमीटर लंबी 36 इंच मोटी पाइप डाली जा रही है। इसे स्थापित करने के लिए उसी स्थान का प्रयोग किया जा रहा है जहां पहले पानी सप्लाई के लिए खाल बना हुआ है। इससे नहर बंदी के दौरान ही काम चलाया जाता है और नहर में पानी आने पर उसी पाइपलाइन में पानी निकाला जाता है। अब तक जयवीर सिंह कॉन्ट्रेक्टर ने करीब एक किलोमीटर तक पाइप लाइन डाल दी है। ठेकेदार को इसके लिए जून तक का समय दिया गया है लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग शहरवासियों की सुविधा के लिए इसके गर्मियों के समय तक शुरू करने की कोशिश में लगा हुआ है।

Thursday, 26 February 2015

मेवात में कार्यरत अध्यापको के तबादले को लेकर डबवाली उपमंडल की महिलाओ ने संभाला मोर्चा, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री, रामबिलास को लिखा पत्र   
मंडी डबवाली ----
मंडी डबवाली में  उपमंडल की सभी महिलाओ ने इकठी होकर मेवात में  वार्ड नंबर 19 निवासी महिला ने सीएम को पत्र लिखकर मेवात में नियुक्त अध्यापकों की दूसरे अध्यापकों की तरह ट्रांस्फर किए जाने की मांग को लेकर अपना मोर्चा खोल दिया है और उन्होंने कहा की वे तब तक साँस नहीं लेगी जब तक सिरसा जिले से 77 से भी जयादा अध्यापक जोकि मेवात में कार्यरत है उनका तबादला नहीं हो जाता , सभी  महिला के पति मेवात के पुन्हाना में 10 वर्ष से नियुक्त हैं लेकिन मांग करने पर भी उनकी ट्रांस्फर नहीं हो रही है जबकि परिवार में उनके बुजुर्ग माता पिता व छोटे बच्चे परेशानी झेल रहे हैं। 
डबवाली उपमंडल के सभी गाँवो से करीब 15 से भी जयादा अध्यापक मेवात जिला में कार्यरत है 
 सभी महिलो ने बताया कि सीएम मनोहर लाल खटटर को लिखे पत्र में बताया कि उनके  पति  वर्ष 2004 में अध्यापक भर्ती हुए थे। जिसमें सिरसा, फतेहाबाद व हिसार जिलों के ऑपशन भरे गए थे लेकिन उन्हें नियुक्ति गुडगांव में दी गई। इसके बाद वर्ष 2005 में नया जिला बने मेवात में नियुक्त कर दिया गया। इसके बाद प्रति वर्ष दूसरे अध्यापकों का तो ट्रांस्फर हो रहा है लेकिन मेवात में नियुक्त अध्यापकों को घर से दूर ही रखा जा रहा है और कोई ट्रांस्फर नहीं हुआ है। इससे अध्यापकों के परिजन परेशान है वहीं बच्चे भी दुविधा में हैं। वहीं अध्यापक भी घर से 410 किलोमीटर दूर होने से असमंजस में रहते हैं। इसलिए मुख्यमंत्री को उनकी वास्तविक परेशानी पर ध्यान देना चाहिए।
वहीँ गौरतलब है कि कांग्रेस राज में रामबिलास शर्मा ने भी वायदा किया  था की जब भी उनकी सरकार आएगी सबसे पहले मेवात में रह रहे अध्यापको का तबादला किए जाएगा और उनकी मांग को प्राथमिकता दी जाएगी लेकिन महिलाओ ने आरोप लगाया की जैसे ही हरियाणा में बीजेपी की सरकार आई तो अब तक उनकी मांग की और कोई भी ध्यान नहीं दिया गया है, वहीँ हुड्डा सरकार के कार्यकाल में भी सभी अध्यापको ने कई बार चक्कर कटे थे लेकिन हुड्डा सरकार ने तबादला करने से साफ़ इनकार कर दिया था 
वहीँ अब महिलाओं ने केन्द्रीय मंत्री व् राम बिलास शर्मा को लिखे पत्र में कहा कि भाजपा सरकार बनने से उन्हें उम्मीद है। वहीं मौजूदा शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने भी मेवात में नियुक्त दूर दराज के 1100 अध्यापकों के साथ वर्ष 2012 में नुंह से पंचकुला तक की गई पैदल यात्रा में शिरकत की थी। तब रामबिलास शर्मा ने शाहबाद मारकंडा के पास 2 किलोमीटर तक पैदल यात्रा करते हुए अध्यापकों की समस्या को जयज बताते हुए वादा किया था कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी तो पहली कलम इन अध्यापकों को अपने जिला में भेजा जाएगी। महिला सुखविंद्र कौर ने गुहार की कि 10 वर्ष से परेशानी झेल रहे उनके पति गगनदीप सहित सभी अध्यापकों को ट्रांस्फर कर सीएम अध्यापकों व उनके परिवारजनों को राहत प्रदान करें।
पीछे छूट जाएंगी जीवन की सब रंगीनियां-- गरिमा ने खूब पढ़ाई लिखाई की मगर 24 वर्ष की उम्र में ही चुना वैराग्य का मार्ग
डबवाली।
जिस उम्र में लड़कियां भविष्य के सुनहरे सपने संजोती है, अपने होने वाले जीवन साथी व घर परिवार को लेकर चिंतित होती है। उस उम्र में शहर निवासी गरिमा जैन ने अच्छी शिक्षा ग्रहण करने के बावजूद भी जीवन के सभी रंगीनियों को छोड़कर अपने लिए वैराग्य का मार्ग चुना है। यह एक ऐसा मार्ग है जिसे अपनाने के बाद श्रृंगार, गहने, सुंदर कपडे, खान-पान व जीवन के सब रिश्ते नाते भी पीछे छूट जाएंगे। गरिमा जैन की उम्र मात्र 24 वर्ष है।  मूलत: गांव सावंतखेड़ा के निवासी हैं। 
डबवाली के इतिहास में पहली बार हो रहा है की कोई 24 वर्षीय लड़की वैराग्य का मार्ग चुन रही है वहीँ गरिमा जैन ने यह फैसला खुद लिया और वह खुद पोस्ट ग्रेजुएट करने के बाद भी जिन्दगी भर वैराग्य का मार्ग चुनने जा रही है 
वर्ष 1980 तक डबवाली में रहे व फिर संगरिया में कारोबार जमा लिया। बड़ी बहन चारू की शादी हो चुकी है व छोटा भाई हिमांशु बीसीए कर रहा है। गरिमा ने अंग्रेजी में एमए व एमबीए की पढ़ाई की है। इसके बावजूद मन में जीवन के प्रति वैराग्य आ गया है इसलिए जैन धर्म की दीक्षा लेकर साध्वी का चोला पहनने का फैंसला लेकर कठिन तपस्या भरा जीवन जीने का निर्णय लिया है। गरिमा जैन ने बताया कि उन्होंने बचपन में ही ठान लिया था कि वह शादी नहीं करेंगी और मदर टेरेसा के जीवन का अनुसरण करते हुए ताउम्र समाजसेवा करेंगी। वर्षों से परिवार जैन धर्म से जुड़ा हुआ है व इस दौरान जब जैन साध्वियों के सपंर्क में आई तो उनसे प्रभावित हुई।
 जब एकांत में बैठकर ध्यान करती तो समय का पता ही नहीं चलता। ऐसा लगता कि जैसे भगवान से बातें कर ली हैं। जब उन्होंने परिजनों को बताया कि वह जीवन के सभी सुखों को छोड़कर जैन साध्वी बनना चाहती हैं तो वे पहले तो कुछ नहीं बोले। बाद में वे उसे घुमाने के लिए मुंबई ले गए। दुनिया के कई रंग दिखाकर उसे मनाने की कोशिश की ताकि उसके मन से वैराग्य की भावना निकल जाए। गरिमा ने बताया कि परिजनों की खुशी के लिए वह खूब घूमी लेकिन ऐशो आराम व भौतिक सुख सुविधाएं देने वाले दुनियावी खिलौने उसके निर्णय को नहीं बदल पाए। इसके बाद परिजनों ने भी उसे वैरागी बनने की आज्ञा दे दी है।
 गरिमा जैन ने सभी के लिए संदेश देते हुए कहा कि यदि लोग नवंकार मंत्र के एक शब्द को भी अपने जीवन में उतार लें तो उनका जीवन बिना शास्त्रों को पढ़े ही सफल हो जाएगा। 

Friday, 20 February 2015

गाँव अहमदपुर दरेवाला में डे नाइट शूटिंग बॉल प्रतियोगिता शुरू

गांव अहमदपुर दारेवाला में पंचायत घर स्थित वॉलीबाल मैदान में शुक्रवार को डे नाइट वॉलीबाल प्रतियोगिता की शुरूआत हुई। इसमें दो दर्जन टीमों ने हिस्सा लिया।
 खेल प्रबंधक  गुरप्रीत गिल व सोहनलाल कडवासरा ने बताया कि प्रतियोगिता  में रात में होने वाले मैचो में आने वाली टीमो के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गयी है और रात के मैचो में सम्मापन पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किया जाएगा, उन्होंने बताया की प्रतियोगिता में विजेता टीम को 15 हजार रुपये और उपविजेता को 9100 रूपये का नकद पुरस्कार तथा ट्राफी देकर सम्मानित किया जाएगा। 
      प्रतियोगिता का शुभारंभ समूह ग्राम पंचायत व् सरपंच बलविन्द्र सिंह गिल ने करते हुए खिलाडियों से परिचय किया। उन्होंने कहा कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए पंचायती स्तर पर प्रयास होना बेहद जरूरी है। इसके लिए जिला परिषद की ओर से युवाओ  को समय समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। इस उपरांत प्रतियोगिता का शुरुआती मैच मेजबान दारेवाला व गाँव गोदिका की भिडासरा कल्ब की टीमों के बीच हुआ। जिसमें गोदिका ने 15 -15 अंको को दो सैटो के मुकाबले में 15-14 अंकों से दरेवाला पर जीत दर्ज की। इसके बाद गाँव की दो अलग अलग बीच कांटेदार मैच हुआ जिसमें दिनभर चले मुकाबलों के बाद मैदान में रात्रि को भी मैच करवाए जायेगे । इस मौके पर सरपंच बलविन्द्र सिंह गिल, सूरजभान पिलानियां, पूर्व सरपंच गोबिंद कालड़ा, गुरप्रीत गिल, सोहन कडवासरा, हरनाम सिंह पन्नू, संदीप कुमार, पंच मनोज, दौलत राम, सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे।

Thursday, 19 February 2015

Saturday, 14 February 2015

डबवाली में 3200 बच्चों ने एक साथ फ्री स्कोलरशिप टेस्ट देकर बनाया  रिकॉर्ड, एचपीएस स्कूल ने बी कल्पना-बी चाणक्य  टेस्ट आयोजित कर किया नया कीर्तिमान स्थापित  
बच्चों सहित अभिभावक हुए खुश, उमड़ा जनसैलाब 

मंडी डबवाली ------------
सिरसा के इतिहास ऐसा पहली बार हुआ की किसी स्कूल ने फ्री स्कोलरशिप टेस्ट प्रतियोगिता का आयोजन करवाया जिसमे डबवाली के शिक्षा के आयाम में एक न्य कीर्तिमान स्थापित हो गया इस टेस्ट में एक साथ 3200 बच्चों ने हिस्सा लिया और 51000 हजार रुपये की इस प्रतियोगिता को जितने के लिए ओ एम् आर शीट पर परीक्षा दी
जी हा ऐसा कर दिखाया है डबवाली के चौटाला रोड पर गांव शेरगढ़ स्थित एचपीएस स्कूल ने ज्सिमे  बी कल्पना-बी चाणक्य स्कॉलरशिप टैस्ट का आयोजन किया गया। इसमें कक्षा तीसरी से 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। वहीँ हजारो की संख्या में बच्चों के अभिभावक पहुंचे और खासा उत्साह देखा गया
स्कूल संचालक व प्रिंसिपल आचार्य रमेश सचदेवा ने बताया कि बच्चों में खुद की काबिलियत साबित करने के लिए मंच प्रदान करते हुए डॉ. प्रेमचंद सचदेवा मैमोरियल आदर्श शिक्षा समिति की ओर से स्कॉलरशिप टैस्ट शनिवार को रखा गया। इसके लिए विद्यार्थी को स्कूल व किलिंयावाली रोड स्थित एचपीएस स्टडी सैंटर से निशुल्क आवेदन फार्म भी उपलब्ध कराए गए। साथ ही ऑनलाइन क्रेकएचपीएस डॉट इन पर लॉगइन कर बोर्ड के विद्यार्थियों ने आवेदन कर परीक्षा के लिए अपना रोल नंबर डाउनलोड किया।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में 3 से 11वीं तक प्रत्येक कक्षा में पहला स्थान पाने वाली एक लड़की को कल्पना व एक लड़के को चाणक्य चुना जाएगा। इसके अलावा दूसरे व तीसरे स्थान सहित 10वें नंबर तक रहने वाले विद्यार्थियों को मेडल, प्रमाण पत्र व नकद राशी देकर सम्मानित किया जाएगा। इसमें कुल 90 बच्चों को  51 हजार रुपये के नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को परीक्षा में हिंदी व अंग्रेजी दोनों माध्यम के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए गए।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि डबवाली के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि हरियाणा, राजस्थान व पंजाब के करीब 3200 विद्यार्थियों ने एक साथ बैठकर इस तरह की परीक्षा दी है। वहीं परीक्षा देने के बाद विद्यार्थी भी काफी उत्साहित नजर आए।
वहीँ सभी बच्चों के परिणाम 18 फरवरी को घोषित कर 90 बच्चों को अवार्ड और नकद इनाम के साथ सम्मानित किया जाएगा

Thursday, 12 February 2015

 डबवाली में एमएसजी द मैसेंजर का पहला शो रद्द, शहर के 10 नाकों पर 200 पुलिसकर्मी तैनात

मंडी डबवाली -----

डबवाली के मलोट रोड स्तिथ दर्पण सिनेमा में आज एमएसजी द मैसेंजर फिल्म का पहला शो रद्द हो गया और उसकी जगह पर सिनेमा में उसकी जगह पर कोई और फिलम को शुरू किया है
गौरतलब है कि फिलम के रिलीज होने की स्थिति में जिला प्रशासन अलर्ट घोषित किया गया था और प्र्रशासन व पुलिस ने मिलकर शांतिपूर्ण व्यवस्था के लिए कड़े कदम थे जिसके अंतर्गत डबवाली में करीब 200 पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया है
वहीँ  सुचना थी कि सिख धर्म के प्रचारक संत दादूवाल के विरोध करेगे जिसके बाद प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी है। लेकिन सुबह होते ही डबवाली में सैंकड़ो डेरा सच्चा सौदा श्रद्धालु एमएसजी के रिलीज होने को लेकर जश्र में थे लेकिन रद्द होने की सुचना के बाद माहोल तनाव पूर्ण हो गया
वहीँ सिनेमा मनेजर का कहना है की उसके पास चलाने के अनुमति नहीं बस इसकी जगह पर दूसरी फिलम शुरू कर दी गयी है
लेकिन फिलहाल स्पष्ट रूप से कारणों का पता नहीं चल पाया है और स्तिथि तनावपूर्ण बनी हुई है

सिरसा के इतिहास में सबसे बड़ा रिकॉर्ड दर्ज,  एक साथ 3000 से भी ज्यादा विद्यार्थी देंगे स्कालरशिप टेस्ट,    डबवाली के इतिहास का भी सबसे बड़ा रिकार्ड, गांव शेरगढ़ स्थित एचपीएस स्कूल में कल  होगा बी कल्पना-बी चाणक्य स्कॉलरशिप टैस्ट 

51 हजार रुपये के नकद पुरस्कार
मंडी डबवाली ---------
सिरसा के इतिहास में ऐसा पहली बार होने जा रहा की किसी स्कूल में एक साथ 3000 से भी ज्यादा विद्यार्थी स्कालरशिप टेस्ट दे जी हा ऐसा हो चूका है जोकि आज तक डबवाली के इतिहास में सबसे बड़ा रिकार्ड दर्ज हुआ है  चौटाला रोड पर गांव शेरगढ़ स्थित एचपीएस स्कूल में कल बी कल्पना-बी चाणक्य स्कॉलरशिप टैस्ट होगा। इसमें तीसरी से 11वीं कक्षा के विद्यार्थी हिस्सा ले सकेंगे।सभी स्तर की तैयारिया पूरी कर ली गयी है 
   स्कूल संचालक व प्रिंसिपल आचार्य रमेश सचदेवा ने बताया कि बच्चों में खुद की काबिलियत साबित करने के लिए मंच प्रदान करते हुए डॉ. प्रेमचंद सचदेवा मैमोरियल आदर्श शिक्षा समिति की ओर से स्कॉलरशिप टैस्ट शनिवार दिन रखा गया है। जिक्र योग है कि इसके लिए विद्यार्थी को स्कूल व किलिंयावाली रोड स्थित एचपीएस स्टडी सैंटर से निशुल्क आवेदन फार्म भी उपलब्ध करवाए गए थे ।  उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में 3 से 11वीं तक प्रत्येक कक्षा में पहला स्थान पाने वाली एक लड़की को कल्पना व एक लड़के को चाणक्य चुना जाएगा। इसके अलावा दूसरे व तीसरे स्थान सहित 10वें नंबर तक रहने वाले विद्यार्थियों को मेडल, प्रमाण पत्र व नकद राशी देकर सम्मानित किया जाएगा। इसमें कुल 90 बच्चों को  51 हजार रुपये के नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। फ़िलहाल कल  शेरगढ़ स्थित स्कूल प्रांगण में सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक परीक्षा  होगी। जिसमें ओएमआर शीट पर ब्लैक पैन या पेसिंल से पश्नों का उत्तर देना होगा। इसके लिए हिंदी व अंग्रेजी दोनों माध्यम के प्रश्नपत्र विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जाएंगे।

Tuesday, 10 February 2015

 नकल न्मुलन अभियान,रैली निकाल कर नकल के दुष्परिणाम के बारे में बताया

 मंडी डबवाली -----

गाँव मांगेआना के राजकीय स्कूल में मंगलवार को नकल न्मुलन अभियान चलाया गया जिसमे 10वीं व 12वीं क्लास के विद्यार्थीयों ने गाँव में रैली निकाल कर नकल के दुष्परिणाम के बारे में बताया गया। वहीँ सभी बच्चों ने स्कूल प्रागंण में आकार शपथ ग्रहण करते हुए नक़ल नहीं करने का प्रण लिया और लग्न से मेहनत कर बेहतर परीक्षा परिणाम देने की बात कही|
 प्रिंसिपल सुरेंद्र निर्दोष ने कहा कि नकल एक अभिशाप है आज के विधार्थी का नकल सहारा लेकर अगली कक्षा में तो पहुच जाते है परन्तु उनका वास्तविक ज्ञान न मात्र रहता है और ऐसे में विद्यार्थियों का कोई भविष्य नहीं होता व आगे चलकर बेरोजगार हो जाते है। उन्होंने कहा कि आज का युग प्रतियोगिता का युग है जिसमें वहीं बच्चा आगे बढ सकता है जो मन लगाकर व ईमानदारी से पढाई करके परीक्षा देते है। उन्होंने कहा कि कक्षा की संख्या बढ़ाने से अच्छा है की अपना व्यवहारिक ज्ञान बढ़ाये और साथ ही उन्होंने स्कूल स्टाफ से आग्रह करते हुए कहा कि वे भी समय समय पर बच्चों को नक़ल न करने के लिए प्रेरित करे और लग्न से पढाई करने का जज्बा दे मौके पर गुरजीत कौर, अनुपमा, सुनिता, पिंकी, पूनम, गुरदीप कौर,  कुलविंद्र कौर, पीटीआई अनिल कुमार, राकेश कुमार, विनोद कुमार, डीपी कुलदीप कुमार, सुरेश कुमार, प्रवीन कुमार  अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद थे
 एचपीएस सीनियर सैकण्डरी स्कूल शेरगढ में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस की ओर
से प्रदेश की पहली पेरेंटिंग व कैरियर गाइडलाइन वर्कशॉप
 मंडी डबवाली ----
एचपीएस सीनियर सैकण्डरी स्कूल शेरगढ में रविवार को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस की ओर से प्रदेश की पहली पेरेंटिंग व कैरियर गाइडलाइन वर्कशॉप हुई। इसमें दिल्ली में सैंटर फॉर कैरियर डवलपमेंट के निदेशक व कैरियर काउंसलर जितिन चावला व ओयूपी के एक्सपर्ट गौरव झा ने गाइडलाइन दी।
    कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए संचालक आचार्य रमेश सचदेवा ने कहा कि वर्तमान में कोई भी माता-पिता अपने बच्चे को अपने जैसा नहीं बनाना चाहता जिसका मुख्य कारण है असंतोष। उन्होंने कहा कि बच्चों के जीवन का आधार पढाई के दौरान यानी स्कूल का समय होता है। इसलिए इस दौरान अध्यापकों व स्कूल के साथ अभिभावकों की भूमिका बच्चे का कैरियर तय करती है। इसके लिए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की देश में सबसे पुरातन प्रैस की ओर से स्कूल में कार्यशाला हुई है। इस दौरान एक्सपर्ट जितिन चावला ने अभिभवकों व विद्यार्थियों के अनुभव जानकार और सवालों के आधार पर कार्यशाला के तहत जानकारी व प्रशिक्षण दिया। एक्पर्ट नितिन चावला ने कहा कि बच्चों की रूचि किसी न किसी क्षेत्र में अवश्य होती है। जिसको पहले अभिभावक और फिर अध्यापक पहचान कर उनके कैरियर को तय करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्कूल और बच्चें अभिभावक से बच्चे परिणाम की ज्यादा उ मीद करते हैं। हालांकि वो एक स्तर तक सही है लेकिन इसके बीच में कहीं महत्वपूर्ण कड़ी है तो वह अभिभावकों की भूमिका है। इसके लिए अभिभावकों को बच्चे की रूचि को बढ़ावा देने, उससे उ मीद के अनुसार घर और समाज में वातावरण देने व उन्हें सिखाए जाने वाले अधिकतर चीजों को खुद अनुसरण करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि घर परिवार और स्कूल कॉलेजों में अब अधिकार ढर्रे पर चला जाता है लेकिन जीवन और दुनिया में समय के अनुसार वाइड चेंजिज आए हैं। उन्हें स्वीकार कर आगे बढ़ा जाए तो बेहतर परिणाम मिल सकते हैँ। उन्होंने कहा कि बच्चे को समय समय पर मॉटिवेट करना, कम डांट फटकार व क यूनिकेशन में सही और गलत की जानकारी देने के साथ उनका टाइम टेबल सैट करना चाहिए। साथ ही बच्चे को गैर जरुरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बजाय उसके कैरियर को ध्यान में रखकर संसाधन उपलब्ध कराए जाने की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि किस प्रकार जीवन में इंजीनियरिंग की पढाई ही अच्छी नहीं अपितु कामर्स व आर्टस में अनेकों ऐसे क्षेत्र हैं जिसमें विद्यार्थी उच्चतम पद को पा सकता है। उन्होंने बताया की प्रशासनिक सेवाओं के लिए आटर्स ही सर्वोत्तम है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कुल 78250 विधांए व कार्यक्षेत्र हैं जिनमें से किसी एक में भी माहरत हासिल कर नाम कमाया जा सकता है।
    विद्यार्थियों को पढाई को रूचिकर बनाने, एकाग्रता बनाने तथा निपुणता व सफलता हासिल करने के लिए उन्होंने अनेकों विधांए सुझाई व सिखाई। उन्होंने बताया कि किस प्रकार मोबाईल से दूर रहना, टेबल चेयर पर पढना, पढते-पढ़ते मेडिटेश्न करके खुद को तरोताजा किया जाता है।
    उन्होंने कहा कि विद्यार्थी को उसी विषय पर पढाई करनी चाहिए जिसमें उसकी रूचि हो क्योंकि सचिन यानी क्रिकेट खेलने वाले डाक्टर नहीं बन सकते वे किक्रेटर ही बेहतर हो सकते थे इसलिए आज हैं। इसी प्रकार पेंटिग करने वाला आर्मी नहीं जा सकता इसलिए विद्यार्थीयों व अभिभावकों को लक्ष्य को ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने बताया प्रत्येक बालक मेें कुछ न कुछ कर दिखाने का साहस होता है परंतु कमी होती है उसको आगे लाने में। जहां अभिभावक, अध्यापक व स्कूल की जरूरत होती है। ज्यादातर बच्चे इसके अभाव में अपनी जिंदगी में इन्हे आगे नहीं ला पाते ओर कैरियर में पीछे रह जाते है। इस दौरान ट्रेनर ने बच्चों व अभिभावकों का उत्साहवर्दधन करते हुए प्रतियोगिताएं कराई। जिसमें पहली बुझाकर आइक्यू परखा वहीं के माध्यम से सवाल जबाब पुछे और बच्चों व अभिभावकों ने सवालों का जबाब देकर अपने अपने कैरियर की जानकारी ली। अंत में सभी स्टाफ सदस्यों की विशेष कार्यशाला हुई जिससे उनके बीच विभिन्न प्रतियोगिताएं कराकर बच्चों से अध्यापकों की उ मीदें और बच्चों की रूचि पहचानने का प्रशिक्षण दिया गया। जितिन चावला ने कहा कि अध्यापक भी रोजाना के एक ही तरीके को बदलकर कुछ नए अंदाज में कक्षाओं की शुरुआत वच पढ़ाई कराऐं। इससे ओर ज्यादा सुधार मिलेगा। आक्सफाडर्ड की ओर से सबसे अधिक उत्तर देने वाले व भागीदारी करने वाले विद्यार्थियों व अभिभावकों को पुरस्कृत भी किया गया। इस मौके पर कमल कुमार, राम निवस सुधार, राम कुमार शर्मा, यादविन्द्र भाटी, सोनू बजाज, गिरधारी लाल गुप्ता, कुलविन्द्र सिंह व कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित हुए।

Monday, 9 February 2015

 शगुन में देने जा रहे थे बाइक ट्रक ने मारी टक्कर,विवाद हाईवे पर ट्रैफिक जाम
डबवाली
चौटाला रोड हाईवे पर कॉलोनी रोड चौराहे के पास बेटी की शादी में बतौर शगुन देने जा रहे नई बाइक को पीछे से ट्रक ने साइड मार दी। जिससे बाइक सड़क पर गिर गई। इस पर बाइक चालक ट्रक चालक से भिड़ गया। दोनों चालकों के गाली गलौच के कारण हाईवे पर करीब 15 मिनट जाम लगा रहा।
बाइक चालक पंजाब निवासी भूरासिंह ने बताया की वे बेटी की शादी में शगुन में देने के लिए रामा मंडी से बाइक लेकर वडिंगखेडा़ जा रहे थे। इसी दौरान चौटाला रोड हाईवे पर कॉलोनी रोड चाैराहे के पास पीछे से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। जिससे उसकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। दुर्घटना बाइक चालक तथा उसके पीछे सवार युवक बाल बाल बच गए लेकिन बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। इससे चालक व सवार ने ट्रक चालक को नसीहत देना शुरू कर दी। जिससे दोनों में एक दूसरे की गलती होने को लेकर बहस हो गई।

Wednesday, 4 February 2015

रोडवेज विभाग की मनमानी, हिसाब से ज्यादा वसूला जा रहा है किराया 
यात्रियों ने दी शिकायत, विभाग करे कार्रवाही 
मंडी डबवाली -----------
हरियाणा में हवाई किले स्थापित करने में हरियाणा रोडवेज का कोई भी सानी नहीं है लेकिन यदि सुविधाओ को बात की जाए तो कहने में कोई बेमानी नहीं होगी की सब कुछ गोल है एक तरफ रोडवेज हररोज लाखों रुपयों की कमाई करती है लेकिन सब्र उससे भी कम ही है
रोडवेजपरिचालक यात्रियों से मनमर्जी का किराया वसूल रहे हैं, ताकि उन्हें खुले पैसे वापस करने पड़े। इससे परेशान यात्रियों ने बुधवार को बस स्टैंड पर रोडवेज डयूटी इंचार्ज को शिकायत कर मनमर्जी कर यात्रियों से अधिक किराया लेने वाले वाले परिचालकों पर कार्रवाई की मांग की।
चौटाला हाइवे पर गांव आसाखेड़ा से बस में शहर पहुंचे यात्री हंसराज परिहार, आरटीआई कार्यकर्ता श्रवण तंवर, रवि सहारण, भीमसेन, राम सिंह, ओमप्रकाश, सुनील अन्य ने बताया कि अासाखेड़ा से डबवाली तक के 22 किलोमीटर दूरी का किराया 17 रुपये है। रोडवेज परिचालक ने उनसे 18 रुपये लिए हैं। जब उन्होंने परिचालक को कहा कि किराया 17 रुपये है तो वे 18 रुपये क्यूं ले रहे हैं। अारोप है कि परिचालक ने कहा कि उन्हें 18 रुपये किराया बताया। सभी ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी रोजाना उन्हें परिचालक इसी प्रकार तय से एक रुपया अधिक किराया वसूलते हैं। साथ ही किराया तय से अधिक लिए जाने पर ऐतराज जताने वाले से अभद्र व्यवहार करते हैं। आरोप है कि कई बार परिचालक बस से नीचे उतार देने की धमकी देते हैं। यात्रियों ने बताया कि इसी प्रकार दूसरे रूटों पर भी परिचालक मनमर्जी से टिकट काटते हैं।
यात्रियोंने बस स्टैंड पहुंचकर डयूटी इंचार्ज सीताराम को शिकायत की और परिचालक पर कार्रवाई करने को कहा। यात्रियों ने कहा कि अधिक किराया वसूलने वाले परिचालकों पर विभागीय स्तर पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए।
डीआई सीताराम ने बताया कि आसाखेड़ा का किराया 17 रुपये ही है और 18 रुपये या दूसरे अन्य रूटों पर ज्यादा किराया लेने वाले परिचालकों से रिपोर्ट तलब की जाएगी। साथ सभी परिचालकों को तय किराया ही लेने के दोबारा आदेश दिए गए हैं ताकि भविष्य में कोई परेशानी हाे।
ड्यूटी इंचार्ज सीता राम को शिकायत करते आरटीआई कर्ता श्रवण कुमार तंवर।

Tuesday, 3 February 2015


करोड़ो का प्रोजेक्ट वेबसाइट में अभी खस्ताहाल बिल्डिंग। कॉलेज की साइट को जुलाई 2014 के बाद अपडेट करना भूले
मंडी डबवाली-------

बात सुनने शायद अटपटी सी लगे लेकिन सुचना और तकनीकी के युग में डबवाली के एम् मात्र लम्बे सालों के इन्तजार के बाद करोड़ो की लागत से नया कोलेज बना लेकिन वेबसाइट में अभी भी पुराने भवन से सुसज्जित ।
शहरवासियों के श्रीबालाजी एजुकेशन सोसायटी के बैनर तले लंबे संघर्ष के बाद वर्ष 2007 में शहर के पुराने अस्पताल भवन में शुरू हुए राजकीय कॉलेज को वर्ष 2014 में गांव डबवाली के पास अत्याधुनिक संसाधनयुक्त नया भवन व नाम डॉ. भीमराव अंबेडकर मिल चुका है लेकिन कॉलेज की साइट को जुलाई 2014 के बाद अपडेट नहीं किया गया है। जिससे इसमें पिछले वर्ष की जानकारियां तथा पुराना अस्पताल भवन ही दिखाया जा रहा है। जिससे ऑनलाइन रहने वाले विद्यार्थियों व अभिभावकों को कॉलेज की सही जानकारी भी नहीं मिल रही है। साइट में डॉ. पवन गर्ग ही प्रिंसिपल हैं।

Monday, 2 February 2015

डबवाली के लोगो के लिए अच्छी खबर-
कल से शुरू हो जाएगी ऑनलाइन रजिस्ट्री, भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम
मंडी डबवाली------------
किसानो और आम लोगो के लिए अच्छी खबर है की अब रजिस्ट्री करवाने के लिए ज्यादा मशकत नहीं करनी पड़ेगी बल्कि अब सारा काम ऑनलाइन ही हो जाएगा
डबवाली के लोगो को आज से प्रदेशभर में लागू हो रही ऑनलाइन सुविधा का लाभ मिलेगा।  वहीँ इस सुविधा को शुरू कर दिया जाएगा। इससे रजिस्ट्री कराने वालों का बेवजह तहसील में चक्कर काटने और समय खराब करने की समस्या से निजात मिलेगी वहीं रजिस्ट्री की एवज में होने वाले सबसे अधिक भ्रष्टाचार का कलंक भी मिटेगा।तहसील परिसर में बने दिशा केंद्र में सोमवार को सरकार के इस फैसले का पूरा असर देखने को मिला और नेशनल इंन्फ्रामेटिक सेंटर के तहत जिला की आईटी विंग की ओर से दिशा केंद्र में ऑनलाइन  रजिस्ट्री से संबंधित उपकरणों की उपलब्धता कराई गई। जिसे मंगलवार को अवकाश के चलते सैटअप किया जाएगा और बुधवार से सभी व्यवस्थाएं लागू कर दी जाएंगी।

 चंडीगढ़ मुख्यालय से सर्वर पर सभी तहसील कार्यालयों को यूजरनेम पासवर्ड जारी किए गए हैं। जिनके तहत आवेदकों को जांच के बाद ऑनलाइन अपडेट करते हुए सर्वर के तहत तय तारीख समय दिया जाएगा।
जिससे रजिस्ट्री कराने वाले दोनों पक्षों को अपाइंटमेंट मैनेजमेंट सर्विस के तहत तारीख और समय दिया जाएगा। जिस समय पहुंचकर वे अपनी रजिस्ट्री करा सकेंगे। इसके लिए आवेदक को लिखित रजिस्ट्री जिसके साथ रकबा का रिकॉर्ड लगा हो और दोनों पक्ष तथा नंबरदार गवाह मौजूद हो। वह कंप्यूटर ऑपरेटर को दस्तावेज देगा और वह जांच कर आरसी को भेजेगा। इसके बाद आरसी दस्तावेजों फीस की जांच कर सब रजिस्ट्रार को देगा और हस्ताक्षर के बाद वह वापस आरसी के मार्फर ऑपरेटर को जाएगी। इसके साथ ही इंतकाल की फीस भी जमा कर ली जाएगी जिससे रजिस्ट्री के बाद स्वत ही इंतकाल भी तय समय में दर्ज हो जाएगा।

हीँ अगर अब शहर के चौहान नगर में अब कोई 200 गज का प्लॉट लेता है तो उसे कलेक्टर रेट 2500 रुपये प्रति वर्ग गज की दर से वेल्यूशन करनी होगी। जो 5 लाख रुपये बनेगी। इसके लिए उसे एक हजार रुपये रजिस्ट्रेशन 250 रुपये इंतकाल शुल्क देना होगा। साथ ही महिला के लिए 5 प्रतिशत यानि 25 हजार रुपये पुरुष के लिए 7 प्रतिशत यानि 35 हजार रुपये की स्टांप ड्यूटी देनी होगी। इसके लिए क्रेता विक्रेता रिकॉर्ड के साथ नत्थी कर अपनी रजिस्ट्री लिखवाएंगे और सब रजिस्ट्रार कम तहसीलदार के पास आवेदन करेंगे। कंप्यूटर ऑपरेटर ऑनलाइन मैनेजमेंट सिस्टम के तहत प्रतिदिन 60 रजिस्ट्री के अनुसार आवेदकों को तारीख समय तय करेगा। जिस दिन पहुंचकर उन्हें रजिस्ट्री करानी होगी। यदि उपभोक्ता तत्काल रजिस्ट्री कराते हैं तो उन्हें 5 लाख की वैल्यूएशन वाली जमीन पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होगा लेकिन इससे अधिक वैल्यूएशन बनती है तो उसे तत्काली रजिस्ट्री की फीस देनी होगी।
वहीं दिशा केंद्र में अतिरिक्त उपकरण भी आए हैं और मंगलवार को पूरा सैटअप कर दिया जाएगा। बुधवार से अपाइंटमेंट मैनेजमैंट सिस्टम के तहत रजिस्ट्री सुविधा शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन 10 तत्काल रजिस्ट्री होगी

Saturday, 31 January 2015

डबवाली के गंगा में मची गणतंत्र दिवस की धूम,
 हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम


MANDI DABWALI 
देश 65वें गणतंत्र दिवस को धूमधाम से मना रहा है. गणतंत्र दिवस की परंपरागत परेड मंडी डबवाली के गाँव गंगा में निकली जिसमे सुरजीत सिंह मान ने तिरंगा फहराने की रस्म अदा की और परेड की सलामी ली , अपनी  टीम की ओर से पुरे डबवाली वासियों और  देशवासियों को भारत पर्व कीबधाई दी  हर वर्ष 26 जनवरी एक ऐसा दिन है जब प्रत्‍येक भारतीय के मन में देश भक्ति की लहर और मातृभूमि के प्रति अपार स्‍नेह भर उठता है। ऐसी अनेक महत्‍वपूर्ण स्‍मृतियां हैं जो इस दिन के साथ जुड़ी हुई है
डबवाली के गाँव गंगा में कई स्कूलों ने सामूहिक तौर पर इकठे होकर गणतन्त्र दिवस के आयोजन पर संस्कृति कार्यक्रम का आयोजन किया गया, डबवाली आंचल के इतिहास में पहली बार इस तरह का आयोजन किया गया है जिसमे पहली बार कई गाँवो के सरपंचो को आमंत्रित कर ग्रामीण इतिहास में एक साथ गणतन्त्र दिवस को मनाया गया, जिसमे सभी गाँवो के हजारो लोगो ने इस कार्यक्रम में शिरकत की वहीँ बच्चों ने देशभग्ति से ओतप्रोत कर देने वाली प्रतुतियों से सभी को दिल जीत लिया और इसमें स्कूली बच्चों द्वारा बेटी बचाओ कोरियोग्राफी से बेटी पढाओ का सन्देश दिया गया, वहीँ इस कार्यक्रम में करीब 1200 बच्चों ने हिस्सा लिया
 इस अवसर पर विशेष तौर पर मुख्य अतिथि के रूप में बीइओ संत कुमार ने शिरकत की और करीब 10 स्कूलों के बच्चिन ने अपने अपने कार्यक्रम के जरिये समय बांधा और सभी  का दिल जीता इस कार्यक्रम में खास तौर पर बेटी बचाओ अभियान को भी बढ़ावा देते हुए बच्चों द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए
इस अवसर पर प्रिंसिपल सुरजीत सिंह मान ने कहा की आज का दिन देश का सविधान का लागू हुआ था जिसे गणतंत्र दिवस के रूप मनाया जाता है  देश की आजादी में जिन स्वंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी में अपना योगदान  दिया था हम उन शहीदों को भी नमन करते है जिनकी कुर्बानियों के चलते हम आज आजाद देश में साँस ले रहे है
वहीँ इस मौके पर स्कूल मैनेजमैट कमिटी के प्रधान तरसेम सिंह ने बताया की गंगा गाँव के इतिहास में यह कार्यक्रम पहली बार हुआ है जोकि वाक्य ही हम सब लोगो के लिए गर्व की बात है
क्या आप जानते है.....?
*. नया पेन देने पर 97% लोग अपना खुद का नाम लिखते हैं।
*. एक सामान्य मनुष्य की आँखें 200 अंश की चौड़ाई तक
देख सकती हैं।
*. पका हुआ तरबूज कच्चे तरबूज
की अपेक्षा खोखला होता है।
... *. लगभग छः माह की उम्र होनेतक रोने
परभी बच्चों की आँख से आँसू नहीं निकलते।
*. अपेक्षाकृत गरम पानी से सिंचाई किए जाने वाले पौधे
ठण्डे पानी से सिंचाई किए जाने वाले
पौधों की अपेक्षा तेजी से बढ़ते हैं
*. एक घंटे तक हेडफोन लगाए रहने पर कान के अंदर
बैक्टीरिया 700 गुना बढ़ जाते हैं
*. उम्र बढ़ने के साथ मनुष्य के कान और नाक के आकार में
वृद्धि होती है किन्तु आँखें जन्म से मृत्यु तक एकही आकार
की रहती हैं।
*. उँगलियों के निशान जैसे ही प्रत्येकव्यक्तिके जीभ के
निशान भी अलग-अलग होते हैं
*. स्वीडन में एक ऐसा होटल है जो पूर्णतया बर्फ का बनाहै,
प्रतिवर्ष इसका पुनर्निर्माण किया जाता है।
*. उँगलियाँ तोड़ने पर जो आवाज सुनाई देती है वह वास्तव में
नाइट्रोजन बबल्स के बर्स्ट होने की आवाज होती है।
☞ छछूंदर एक रात में लगभग 300 फीट की दूरी तक खोद सकती है
☞ एक आदमी साल भर में औसतन 1460 सपने देखता है
☞ कॉकरोच सिर कटने के बाद भी कई सप्ताह तक जिंदा रह सकता है।
दरअसल वह सिर कटने से नहीं, भूख से मरता है।

☞ गधे की आंखों की स्थिति कुछ ऐसी होती है कि वह अपने चारों पैरों को एक साथ देख सकता है

☞ ऊंट की आंख में तीन पलकें होतीं हैं जो उन्हें रेगिस्तान में उड़ने वाली रेत से बचाती हैं

☞ बिजली की कुर्सी का आविष्कार एक दंत चिकित्सक ने किया था।
☞ बिल्ली की पेशाब अंधेरे में चमकती है।
☞ सूर्य, धरती से 330,330 गुना बड़ा है
☞ हर साल लगभग 2500 बांए हाथ से काम करने वाले लोग, उन वस्तुओं व उपकरणों का उपयोग करने से मारे जाते हैं जिन्हें दांए हाथ से काम करने वाले लोगों के लिए बनाया जाता है
☞ किसी भी वर्गाकार सूखे कागज को आधा-आधा करके 7 बार से अधिक बार नहीं मोड़ा जा सकता
☞ दुनिया के लगभग आधे अखबार अकेले अमेरिका और कनाडा में प्रकाशित होते हैं
☞ एक वायलिन बनाने में लकड़ी के 70 विभिन्न आकार के टुकड़े लगते हैं
☞ आकाशीय बिजली कड़कने से जो तापमान पैदा होता है वह सूर्य की सतह पर पाए जाने वाले तापमान से पांच गुना ज्यादा होता है
☞ जब कांच टूटता है तो इसके टुकड़े 3000 मील प्रति घंटा की गति से छिटकते हैं।
☞ यदि कभी आप आइसलैण्ड जाएं तो वहां कभी भी रेस्त्रां में बैरे को टिप न दें।
ऐसा करना वहां अपमान समझा जाता है।
☞ लास वेगास के जुआघरों में घड़ियां नहीं होतीं
☞ मनुष्य के शरीर में हर सेकेण्ड 15 मिलियन लाल रक्त कणिकाएं पैदा होतीं हैं और मरती हैं।
☞ अपनी गुफा से निकलते समय, चमगादड़ हमेशा बाईं तरफ को ही मुड़ते हैं.
☞ जिराफ की जीभ इतनी लंबी होती है कि वह अपने कान साफ़ कर सकता है
☞ जापान के शहर टोकियो में, 50 मिनट से कम दूरी वाली यात्रा के लिए एक साइकिल कार से ज्यादा तेज मानी जाती है।

Saturday, 13 December 2014

70 साल की उम्र,  हाथ में 7 फीट की झाड़ू, सुबह के 8 बजते ही सडको पर दिखाई देता है झाड़ू वाले बुजुर्ग , लोगो के उठने से पहले ही मुहल्ला चका चक
स्वच्छ अभियान में समर्पित किया पूरा जीवन, नरेंद्र मोदी का सपना करुगा पूरा----वियोगी हरी शर्मा 
मंडी डबवाली -----
एंकर रीड------ कहते है जब कुछ कर गुजरने करने जज्बा हो तो फिर उम्र या रुतबा मायने नहीं रखता बल्कि इरादे फोलादी होने चाहिए एसी ही मिसाल पूरी पैदा की ही पूरी दुनियां के लिए मंडी डबवाली के 70 साल की उम्र के बुजुर्ग वियोगी हरी शर्मा ने 
चाहे बताने या सुनने में यकीन न हो रहा हो लेकिन यह एक ऐसा सच है जो आज आपकी मानसिकता को सचमुच बदल देगा ओर आपको ले जायेगा जागरूकता की ओर 
जी हां जिस शख्श का हम जिक्र कर रहे है वो किसी और शहर या कोई अजनबी नहीं बल्कि डबवाली के स्वंत्रता सैनानी परिवार से पले वियोगी हरी शर्मा है, जोकि रिटायर्ड ऑफिसर है ओर पिछले कई सालो से योग करवाने की क्लासे भी लगा रहे ओर मोदी सरकार के सफाई अभियान की मुहीम के बाद वे इसी में कूद पड़े है  

वहीँ वियोगी हरी शर्मा जब किसी भी दुकानदार या रेहड़ी वाले के सामने से जब झाड़ू निकालते है तो उन्हें आगे से स्वंय भी सफाई रखने के लिए प्रेरित भी करते हैउन्हें सडको पर झाड़ू लगाता देख बाहर से आने जाने वाले लोग हैरत में पड़ जाते है यह सफाई कर्मचारी या फिर कोई फरिश्ता है बस मुह से एक ही बात निकलती है की बाबा जी मई भी आपके साथ जुड़ना चाहता हु ,,,,,,ओर अब तक वो 100 से भी ज्यादा लोगो को इस मुहीम में जोड़ चुके है 
 हर शाम ये फेसबुक पर दुसरे दिन के डे प्लान भी अपलोड करते है की कल का सफाई अभियान किन किन स्थानों से शुरू होगा ठीक वैसा ही सुबह के 8 बजते ही सडको पर हाथ में अपना झाड़ू लिए मन में नयी उमंग के साथ झाड़ू लगाने लगते है

जब यह 70 वर्षीय बुजुर्ग हाथ में 7 फीट की झाड़ू लिए हर रोज शहर के कोने कोने में सफाई करता है तो हर किसी को देख कर हैरानी भी होती है की यह उम्र झाड़ू उठाने की नहीं बल्कि आराम करने की है लेकिन यह शख्श सुबह से लेकर शाम तक हर रोज सफाई करता है न रुकने का नाम न थकने का इरादा बस एक ही निशाना अगले 1 साल में डबवाली को सम्पूर्ण हरियाणा में पहले स्थान पर स्वच्छ घोषित करवाना है
ऐसे में अब डबवाली में 60 फीसदी से भी ज्यादा सफाई का अभियान सम्पूर्ण हो चूका है ओर शहर में बदलाव भी हो चूका है हर कोई पहली बार डबवाली में पहुँच कर यही महसूस करता है की शायद मै चंडीगढ़ के सेक्टर में हु 

वहीँ लोगो का मानना है की मोदी सरकार को उन्हें खुद अपने पास बुलाकर सम्मानित करना चाहिए और हौंसला दिया जाना चाहिए पूरा देश उनसे प्ररेणा ले,  जब हमने आम लोगो से उनके बार में जिक्र किया तो सभी उनके प्रति आतुर थे सभी ने अपना प्रेणना स्त्रोत माना 

वहीँ वियोगी शर्मा की माने तो वे बाबा रामदेव ओर पीएम नरेंद्र मोदी व् मनोहर लाल खट्टर के दीवाने है और उन्होंने अपना पूरा जीवन आखरी साँस तक सफाई अभियान में समर्पित कर दिया है ऐसे में उनकी सोच को हमारा भी सलाम है ओर उनके जज्बे की कद्र होनी भी चाहिए 

ऐसे में यह तो तय है की अब बहुत जल्द लोगो की मानसिकता में बदलाव और जागरूकता के साथ यह जनून जरुर पैदा हो गया है की अब स्वच्छ भारत को बनाना है और स्वच्छता को घर घर तक पहुँचाना है 

Sunday, 14 September 2014

 डबवाली के वार्ड नंबर 9 में प्रेम प्रसंग के चलते प्रेमी जोड़े की जहर निगलने से मौत, सिटी थाना पुलिस मामले की जाँच में  जुटी
mandi dabwali --=-=-=

शहर के वार्ड नं.9 मे शनिवार सुबह करीब 10 बजे एक युवक व्  उसके पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने जहरीला पदार्थ निगल लिया।  दोनों को गंभीर हालत मे परिजन डबवाली सामान्य अस्पताल ले गए जहा युवक मलकीत पुत्र सतपाल ने दम तोड़ दिया जबकि युवती को गंभीर हालात में देखते हुए सिरसा रेफर किया गया, वहीँ मृतक के भाई सोनू ने बताया की आज मेरे साथ ही काम पर गया था लेकिन तब्बियत खराब होने की बात कहकर घर लौट आया था और महिला भी हमारे पडौस में ही रहती है लेकिन हमें पता नहीं है की नके बीच में क्या सम्बन्ध थे ।  इस बारे मे डबवाली सिविल अस्पताल के  चिकित्सक · डा.मंगला ने बताया ·कि युवती को  गंभीर हालत मे अस्पताल लाया गया था। चूंकि  युवक  ने ज्यादा मात्रा मे जहर का सेवन किया था