Saturday, 25 July 2015

शहर और गांवों मेें अब प्रशासनिक राज, सरपंच-पंच आज से है पूर्व डेढ़ वर्ष पहले नगर पालिका की टर्म पूरी होने उपरांत से एसडीएम हैं प्रशासक, पंचायतों में बीडीपीओ प्रशासक नियुक्त
पूर्ण धनेरवा। डबवाली

आज से शहर के बाद गांवों में भी प्रशासनिक राज कायम हो गया है। डेढ़ साल से शहर में कोई पार्षद और नप की कमेटी नहीं है वहीं गांवों में भी अाज से लोगों के चुने गए पंच सरपंच पूर्व हो जाने से बीडीपीओ प्रशासक के तौर पर प्रत्येक पंचायत का कार्य देखेंगे। इसके अलावा पंचायत समिति का कार्यभार बतौर प्रशासक एसडीएम ग्रहण करेंगे।

 खंड में 48 पंचायतों में ग्रामीण मतदाताओं के चुने गए 28 पंचायत समिति सदस्य व 48 सरपंच तथा करीब 530  पंचाें का कार्यकाल आज पूरा हो गया है। जिसके साथ ही आज से खंड में बीडीपीओ सतेंद्र सिवाच बतौर प्रशासक सभी पंचायतों की आय व्यय और विकास कार्यों को संभालेंगे। वहीं पंचायत समिति के चेयरमैन, वाइस चैयरमैन और सदस्यों की जगह एसडीएम सुरेश कस्वां पूर्ण कार्यभार बतौर प्रशासक देखेंगे। इससे पहले शहर में 19 वार्डों वाली नगर पालिका की टर्म 18 मार्च 2014 में पूरी हो जाने से कोई जनप्रतिनिधित्व नगर परिषद में नहीं है और इसका कार्यभार भी एसडीएम सुरेश कस्वां बतौर प्रशासक डेढ़ साल से देख रहे हैं। दोनों स्तर पर अभी चुनावों की तारीख भी तय नहीं है। इससे अब शहर व गांवों में आमजन जनप्रतिनिधित्व की बजाय अधिकारियों के मार्फत अपने पंचायती व शहरी विकास कार्यों व योजनाओं के लिए आधारित रहेंगे। जिससे लोकतंत्र के तहत सीधे चुने गए लोगों की बजाय लोकतंत्र से चुनी गई सरकार द्वारा नियुक्त किए गए सक्षम अधिकारी अब ग्रामीणों व शहरवासियों की समस्याओं को समझने और उनका निपटारा करने में दोहरी भुमिका निभाएंगे।

आज से पंचायत सचिवों का हैडक्वार्टर पर रहने आदेश

प्रदेश में वर्ष 2010 में 10 जून को पंचायत चुनाव हुए थे। जिसके बाद 24 जुलाई को सभी पंचायतों में नवनिर्वाचित सरपंचों को कार्यभार दिया गया था। जिसके तहत 5 साल का समय पूरा होने पर 24 जुलाई को सभी सरपंचों का कार्यकाल समाप्ती के आदेश सरकार की ओर से जारी किए गए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से 16 जुलाई को जारी आदेश पत्र के अनुसार 24 जुलाई के बाद से सभी पंचायतों में प्रशासक कार्यभार देखेंगे। जिससे बीडीपीओ सतेंद्र सिवाच ने शनिवार 25 को सभी ग्राम सचिवों को अपने हैडक्वार्टर पर रुककर उससे संबंधित पंचातयों के संपूर्ण रिकॉर्ड को जमा करना है। इसके लिए शुक्रवार को बीडीपीओ ने सभी पंचायत सचिवों व सरपंचों की बैठक लेकर दिशा निर्देश जारी किए। जिसमें सरपंचों को 25 जुलाई को पूरा पंचायती रिकॉर्ड सभी ग्राम सचिवों के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही ग्राम सचिवाें को पंचायतों में विकास सहित सभी कार्यों व आमजन के कार्यों के निपटान के लिए लगातार ज्यादा समय तक अपने पंचायती हैडक्वार्टर पर उपलब्ध रहने के आदेश दिए हैं। बीडीपीओ सतेंद्र सिवाच ने बताया कि पंचायतों के खाते 25 जुलाई से ग्राम सचिव के साथ सरपंच की जगह बीडीपीओ के संयुक्त हस्तक्षित संचालित होंगे। जबकि पंचायत समिति के फंडस ईओ कम बीडीपीओ के साथ एसडीएम के संयुक्त हस्ताक्षरित होंगे।



नोटिस दिया जाएगा

उल्लेखनीय है कि खंड में कुल 48 पंचायतें हैं जबकि ग्राम सचिव 15 ही हैं। जिससे एक दिन में सभी पंचायतों का पूर्ण रिकॉर्ड कब्जे में लेना भी आसान कार्य नहीं है। बावजूद इसके उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार 25 जुलाई को सुबह से पूरा पंचायत रिकॉर्ड सरकारी संरक्षण में लिया जाना है। बीडीपीओ सतेंद्र सिवाच ने बताया कि सभी पंचायतों को इसके बारे में सूचना दी गई है और इसमें किसी प्रकार की देरी की गई तो 25 जुलाई को ही संबंधित सरपंचों को नोटिस जारी किए जाएंगे।

बॉक्स:: जिले के सभी गांवों व शहरी निकायों में प्रशासक राज

उल्लेखनीय है कि जिले की दोनों नगर परिषद डबवाली व सिरसा में प्रशासक कार्यभार देख रहे हैं जबकि तीनों नगर पालिकाओं रानियां, एेलनाबाद व कालांवाली में भी चुने गए सदस्यों को कार्यकाल पूरा होने से प्रशासक ही व्यवस्थाएं देख रहे हैं। कालांवाली नगर पालिका के 13 वार्डों के जनप्रतिनिधियों को कार्यकाल 18 जून को पूरा हो चुका है। जिसके बाद एसडीएम डबवाली सुरेश कस्वां को बतौर प्रशासक नियुक्ति दी जा चुकी है।

बॉक्स :: चुनावों की सुगबुगाहट, तारीख तय नहीं

शहरों के बाद गांवों में जनप्रतिनिधियों की जगह प्रशासक नियुक्त हो जाने से आमजन में चुनावों को लेकर सुगबुगाहट चल रही है। हालांकि सरकार की ओर से अभी न तो शहरों में चुनाव के लिए कोई कार्यक्रम बनाया गया है और न ही पंचातयों के लिए। जिससे अभी पंचायतों की वोटर सूची तैयार की जा चुकी है जबकि नगर परिषद व नगर पालिकाओं की वोटर सूची अंतिम चरण में है। जो आगामी 8 अगस्त को फाइनल प्रिंट की जाएगी। इसके बाद ही पंचायत या शहरी निकाय के लिए चुनाव प्रोग्राम बनने के कयास लगाए जा रहे हैं।

Sunday, 19 July 2015

साथ मिलेगा थ्रीवे ओवर ब्रिज भी 3 साल से अटके प्रोजेक्ट पर ढाई साल में काम होगा पूरा, सीएम की मौजूदगी में केंद्रीय मंत्री करेंगे सिरसा में शिलान्यास

पूर्ण धनेरवा। डबवाली

शहरवासियों को सिरसा में आ रहे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और सीएम मनोहर लाल खट्टर के आगमन का सीधा लाभ मिलने वाला है। सिरसावासियाें को फोरलेन हाइवे की सौगात मिलेगी वहीं डबवाली शहर के लाेगों को गोल चौक पर फोरलेन के उपर से थ्रीवे ब्रिज भी मिलेगा। करीब 3 साल से अटके इस प्रोजेक्ट को एनएचएआई ने हिसार- डबवाली फोरलेन में शामिल किया हुआ है। जिससे ढाई साल में रोड के साथ ही करोड़ों के रुपये के इस थ्री लेन ब्रिज का काम पूरा होगा।

        शहर से वाया हिसार पंजाब को दिल्ली से जोड़ने वाले नेशनल हाइवे नंबर 9 को फोरलेन किया जा रहा है। जिससे देश की राजधानी को प्रदेश के अलावा पंजाब को जोड़ने वाले फोरलेन का ट्रेफिक निर्बाध रूप से चलाने के लिए एनएचएआई ने डबवाली में एनएच 10 व एनएच 54 के क्रॉसिंग पर थ्री वे ब्रिज बनाने का प्रोजेक्ट बनाया है। जिसके लिए फोरलेन के टैंडर में प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी है और हाइवे के काम शुरू होने के बाद ब्रिज का काम शुरू हाे जाएगा। ब्रिज से चौटाला रोड के वाहनों को सीधे पंजाब की ओर बठिंडा रोड पर उतारा जाएगा। इसके लिए सरकार की ओर से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। थ्री वे ब्रिज बनने से शहर को आधुनिक लुक मिलने के साथ वाहन चालकों को निर्बाध क्रॉसिंग की ट्रेफिक सुविधा का लाभ मिलेगा।

20 जुलाई को होगा शिलान्यास

प्रदेश में फोरलेन हो रहे हाइवे के लिए रोहतक से  हिसार तक कार्य पूर्ण होने को है जबकि इससे आगे डबवाली तक कुल 1600 करोड़ रुपये में 60 मीटर चौड़ा अत्याधुनिक  फोरलेन बनाने का कार्य होगा। इसके लिए भी 578 लेन किलोमीरट के दो पैकेज में कुल 1197 करोड़ रुपये के टेंडर हो चुके हैं। अलग अलग दो हिस्सों में कराए गए टेंडर जीआर इन्फ्राटेक लिमिटेड के नाम जारी हुए हैं। जिनके लिए वर्क अॉर्डर प्रोसेस में है। आगामी 20 जुलाई को सिरसा में आ रहे केंद्रीय रोड एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी, प्रदेश के  सीएम मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में इसका शिलान्यास रखेंगे। जिसके बाद हिसार से सिरसा के बीच काम शुरू होगा और बाद में सिरसा से डबवाली तक कार्य पूरा होगा। एनएचएआई यानी नेशनल हाइवे ऑर्थोरिटी ऑफ इंडिया की ओर से दिए गए टेंडर के तहत निर्माण कंपंनी को कार्य पूरा करने के लिए ढाई वर्ष का समय दिया गया है। इससे वर्ष 2018 की पहली तिमाही में वाहन चालकों को फोरलेन की सुविधा मिलेगी।

60 मीटर चोड़ा हो हाइवे

डबवाली से हिसार तक बनने वाले फोरलेन हाइवे 60 मीटर चोड़ा बनेगा। इसके बीच में करीब 5 मीटर का डिवाइडर बनेगा। जिससे एक ओर वाहनों के आने और दूसरे ओर जाने की डबल लेन होगी। हाइवे में आवश्यकतानुसार कट की सुविधा मिलेगी जबकि शहरों में ब्रिज और रेड लाइट की सुविधा भी लागू होगी। उल्लेखनीय है कि अभी हाइवे डबल लेन बना हुआ है। जिसे अब दोहरा कर दिया जाएगा। हाइवे बनने से सिरसा, हिसार व रोहतक सहित दिल्ली जाने वाले वाहनों के आवागमन का 20 प्रतिशत से अधिक समय बचेगा।

बॉक्स :: 3 साल पहले बनी थी योजना

करीब एक वर्ष पहले स्टेट रोड से नेशनल हाइवे में शामिल किए गए चौटाला रोड पर 3 वर्ष पहले गोल चौक के उपर से ब्रिज बनाने की योजना तैयार की गई थी। जिसे बाद में नेशनल हाइवे के फोरलेन प्रोजेक्ट के साथ अटैच कर दिया गया। अब इस ब्रिज को थ्री लेन बनाए जाने की योजना के साथ एनएचएआई ने हिसार डबवाली फोरलेन के सेकंड टेंडर में इसे शामिल कर प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिससे ढाई साल की समयसीमा में पूरे होने वाले एनएचएआई के फोरलेन प्रोजेक्ट के साथ ही चोटाला हाइवे पर थ्रीलेन ब्रिज की सौगात शहरवासियों को मिलेगी।

 वर्जन : 

हिसार से डबवाली फोरलेन के प्रोजेक्ट में ही डबवाली शहर में बनने वाले थ्री-वे ब्रिज की योजना को शामिल कर दिया है। ढाई साल में इसका कार्य पूरा होना है ताकि फोरलेन के ट्रेफिक को क्राॅसिंग का व्यावधान न हो। पूरे प्रोजेक्ट की कार्य शुरुआत तिथि शिलान्यास के बाद तय कर दी जाएगी। अभी वर्क स्टार्टिंग टाइम शुरू नहीं किया गया है।

विमल कुमार जैन, पीडी, एनएचएआई, हिसार

Friday, 10 July 2015

आविष्कार प्रश्नोत्तरी  में 206 विद्यार्थियों ने भाग लिया
मंडी डबवाली -

डबवाली के शेरगढ़ में स्तिथ एचपीएस सीनियर सैकण्डरी स्कूल में सीबीएसई के निर्देशानुसार आविष्कार प्रश्नोत्तरी श्रृंख्ला का आयोजन किया गया। जिसमें प्रथम कक्षा से बाहरवीं कक्षा तक के कुल 206 विद्यार्थियों ने भाग लिया। गौरतलब है कि सीबीएसई द्वारा इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में गणित तथा विज्ञान एवं तकनीकि शिक्षा में रूचि पैदा करना है। प्रतियागिता के दो चरण निर्धारित किए गए हैं। प्रथम चरण में विद्यालय स्तर पर पहली से पांचवी, छटी से आठवीं तथा नौवीं से बाहरवीं तक के तीन वर्गों में से प्रथम दो स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सीबीएसई बोर्ड द्वारा 23 जुलाई को ऑन लाईन क्विज में भाग लेना होगा और प्रत्येक वर्ग के श्रेष्ठ 10-10 विजेताओं को 2500-2500 रूपये के नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
एचपीएस की ओर से प्रथम वर्ग पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों में पांचवी कक्षा की शबनवप्रीत तथा गौरव कुमार, द्वितीय वर्ग में छटी से आठवीं तक के विद्यार्थियों में आठवीं की स्नेहा वर्मा तथा छटी कक्षा का छात्र तृप्त सचदेवा तथा तृतीय वर्ग नौवीं से बाहरवीं कक्षा के विद्यार्थियों में ग्याहरवीं कक्षा का हार्तिक गांधी तथा बाहरवीं का कर्ण गुप्ता विद्यालय का नेतृत्व करेंगे।
डबवाली में बहुचर्चित रहे विद्यालय में पहले से ही अपनी वैब साइट क्रैकएचपीएस डॉट इन के माध्यम से विद्यार्थियों को पिछले सत्र से ही प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रतियोगिता के आयोजन में पीजीटी कैमिस्ट्री ज्योति वर्मा, पीजीटी फिजिक्स बबिता शर्मा, पीजीटी ब्यॉलोजी अरूण सिंगला, पीजीटी मैथ नवजोत कौर, दिलबाग सचदेवा, नेहा रानी, पीजीटी इंग्लिश रमनदीप कौर तथा टीजीटी सांईस किरणजीत कौर, लता मिश्रा, जितेंद्र कुमार तथा आईटी प्रमुख राजन रानी ने प्रमुखता से सवाल-जवाब का क्रम आयोजित किया तथा दैनिक जीवन से सम्बन्धित प्रश्नों की श्रृंख्ला तैयार की।
इस अवसर पर विद्यालय निदेशक एवं प्रिंसीपल आचार्य रमेश सचदेवा ने कहा कि विज्ञान व गणित का दैनिक जीवन में प्रयोग तो हम सब करते ही हैं परन्तु उसकी वास्तविक जानकारी होने पर यह न केवल लाभदायक सिद्ध होती है अपितु शिक्षा को भी रोचक बनाती है। 

Tuesday, 30 June 2015

डबवाली में खोला जाए मेडिकल कालेज- नैना चौटाला

डबवाली-------इनेलो विधायक नैना सिंह चौटाला ने हरियाणा सरकार से डबवाली में मेडिकल कालेज खोलने की मांग की है। इस संबंध में नैना चौटाला ने सीएम मनोहर लाल खट्टर को पत्र लिखा है।
विधायक नैना चौटाला ने डबवाली अग्रिकांड पीडि़तों की मांग का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री से मांग की है कि सरकार की प्रत्येक जिले में मेडिकल कालेज खोलने की घोषणा के मुताबिक डबवाली में मेडिकल कालेज खोला जाए। उन्होंने कहा कि डबवाली में मेडिकल कालेज खोलने से हरियाणा के साथ-साथ राजस्थान, पंजाब के लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि डबवाली के सरकारी अस्पताल चिकित्सकों के साथ साथ अन्य आपातकालीन सुविधाओं की भारी कमी है। इसके चलते मरीजों को भठिंडा या रोहतक मेडिकल कालेज में इलाज के लिए ले जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि डबवाली से रोहतक और भठिंडा जैसे शहर अधिक दूर होने से मरीजों के जीवन का खतरा बढ़ जाता है और सीरियस मरीजों के रास्ते में जान जाने की खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में घग्घर के विषैले जल की बदौलत कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी अपने पांव पसार चुकी है।
नैना सिंह चौटाला ने पत्र में कहा है कि डबवाली अग्रिकांड पीडि़तों के आंसू भी सूखे नहीं है और उन्हें इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। उन्होंने कहा है कि अग्रिकांड पीडि़तों की डबवाली में मेडिकल कालेज खोलने की मांग पूरी तरह से वाजिब है।
उन्होंने कहा है कि वह उनकी इस मांग का न केवल समर्थन करती हैं बल्कि हरियाणा सरकार से डबवाली में मेडिकल कालेज खोलने की पूर जोर मांग करती हैं।

Monday, 29 June 2015

डबवाली अग्निकांड पीडि़तों  ने मुख्य मंत्री को भेजा मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर पत्र 
काश कोई दर्द समझ सके.........
मंडी डबवाली ----गुरविंद्र पन्नू
मंडी  डबवाली अग्निकांड पीडि़तों ने प्रदेश के मुख्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा हरियाणा के प्रत्येक जिला में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा के आधार पर डबवाली के लिए मेडिकल कालेज बनाए जाने की मांग की है । पीडि़तों का कहना है कि त्रासदी के बीस साल बाद भी उनके जख्मों से खून रिसता है। उपचार करवाने के लिए उन्हें दर-दर की ठोकरें खानी पड़ती हैं। सोमवार को पीडि़तों ने तहसीलदार नौरंग दास को मांग पत्र सौंपा। अग्निकांड पीडि़त विनोद बांसल, केशव शर्मा, शमशेर सिंह, सुच्चा सिंह भुल्लर, इकबाल शांत, रमेश सचदेवा जयमुनी गोयल के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल उपमंडलाधीश सुरेश कस्वां की गैर मौजूदगी में तहसीलदार नौरंग दास से मिला। 
उन्हें सीएम हरियाणा के नाम एक मांग पत्र सौंपा। अग्निकांड पीडि़तों ने सीएम को भेजे पत्र में अपनी कहानी को ब्यान करते हुए कहा की हरियाणा के हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की है, जिसका अग्निकांड पीडि़त स्वागत करते हैं। दुनिया की भीषणतम अग्नि त्रासदी झेलने वाले शहर डबवाली में इस मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाये।

23 दिसम्बर 1995 को डबवाली में हुए भीषण अग्निकांड में 442 लोगो ने जान गंवाई थी तथा 200 के करीब झुलस गये थे। डबवाली की भागौलिक स्थिति के अनुसार यह शहर तीन राज्यों की सीमा पर स्थित है। शहर के चारों तरफ राष्ट्रीय महामार्ग है तथा रेलवे की दृष्टि से भी यह शहर महत्वपूर्ण है। यहां से राजस्थान, गुजरात, पंजाब व दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड, बिहार तथा असम तक रेल गाडिय़ों का परिचालन होता है। स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में यह क्षेत्र बहुत पिछड़ा हुआ है। आपात काल या बीमारी की स्थिति में मरीजों को लुधियाना, पटियाला, चण्डीगढ़, आग्रोहा या रोहतक व दिल्ली स्थित मेडीकल कॉलजों में जाना पड़ता है। कई बार तो रोगियों की रास्ते में ही मौत हो जाती है। निकटवर्ती शहर बठिंडा तथा सिरसा में स्वास्थ्य सुविधाएं ठीक हैं। इसलिए यदि डबवाली में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाती है तो यह इलाके के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करेगा तथा इससे तीन राज्यों की जनता को लाभ पहुंचेगा। मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को आवागमन की भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
    जिक्रयोग है की लंबे समय से अग्नि पीड़ित लोग मेडिकल कोलेज की मांग कर रहे है डबवाली में दुनिया की  सबसे बड़ी अग्नि त्रासदी के बाद 29 दिसम्बर 1995 को तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हाराव तथा हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी भजन लाल अग्निकांड पीडि़तों का दर्द जानने के लिए डबवाली पहुंचे थे। अग्निकांड पीडि़तों ने उनके समक्ष डबवाली में मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग रखी थी। जिस पर उन्होंने सहानुभूति पूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया था। इस बात को आज बीस वर्ष बीत चुके हैं। अग्निकांड में घायल हुए करीब दो सौ लोगों को इलाज के लिए भटकना पड़ता है। ऐसे में सीएम मनोहर लाल खट्टर की घोषणा से अग्निकांड पीडि़तों को आस बंधी है।
    वहीँ अब इस समर्थन के लिए अग्निकांड पीडि़त मुहिम शरू करने की कवायद में है  मेडिकल कॉलेज की डबवाली में स्थापना के लिए अग्निकांड पीडि़त मुहिम चलाएंगे। इसके तहत प्रत्येक राजनीतिक संस्था तथा एनजीओ से संपर्क स्थापित किया जाएगा। जल्द ही सामाजिक संस्थाओं के साथ संयुक्त बैठक करके आगामी रणनीति तय की जाएगी। अग्निकांड पीडि़तों के अनुसार राजनीतिकों के लिए 20 साल पहले यह विचार का विषय था। लेकिन आज सरकार खुद मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की इच्छा शक्ति प्रकट कर रही है। सरकार को बिना देरी के डबवाली को मेडिकल कॉलेज देना चाहिए।
उधर डबवाली के नौरंग दास, तहसीलदार ने कहा कि अग्निकांड पीडि़तों की मांग जायज है। इसे उच्च अधिकारियों की मार्फत आवश्यक कार्रवाई के लिए सरकार के पास भेजा जाएगा।
अग्निकांड के दिए जख्म आज भी हरे हैं। जख्मों से खून बहने लगता है। नजदीक कोई स्वास्थ्य संस्थान न होने के कारण रोहतक, दिल्ली की राह पकडऩी पड़ती है। ऐसे में अगर त्रिवेणी इलाके में मेडिकल कॉलेज स्थापित हो जाए तो बेहतर होगा। अग्निकांड पीडि़तों को घर द्वार पर इलाज की सुविधा मिल जाएगी। दूसरा हरियाणा, पंजाब तथा राजस्थान के लोगों को फायदा होगा।------विनोद बांसल, प्रवक्ता, अग्निकांड पीडि़त संघ

Sunday, 28 June 2015

बेटी बचाने में गाँव मोड़ी ने बनाया रिकॉर्ड, सरकार के पास नहीं पढ़ाने का दम
बेटी बचाने की अलख-------
बेटी बचाने के मामले में खंड डबवाली का छोटा सा गांव मोडी पूरे जिला सिरसा को नसीहत दे रहा है। वहीँ दुसरे सभी गाँवो में लिंगानुपात बेहद शर्मनाक है। लेकिन मोड़ी गाँव में एक जनवरी 2014 से 31 दिसंबर 2014 तक गोरीवाला पीएचसी के तहत आने वाले गांव मोड़ी का लिंगानुपात 1000 : 2333 है। नौ बेटों के जन्म पर 21 बेटियों ने जन्म लिया है।जोकि अपने आप में बेमिसाल है उपमंडल में सबसे ज्यादा लिंगानुपाते वाले गांव में मोड़ी गाँव ने सिरसा जिले के लिए एक जागरूकता और बेटी बचाओ अभियान में दुसरे गाँवो को नसीहत दी है 
    खंड के छोटे गांवों में शुमार शामिल मोडी में करीब 150 परिवार रहते हैं। जिनकी आबादी 2 हजार है। इनमें आधे से अधिक परिवारों में दो से ज्यादा बेटियां है। ग्रामीणों में धार्मिक जागरूकता के चलते बेटियों के जन्म पर भी खुशी मनाई जाती है और पालन पोषण व शिक्षा में भी अभिभावक बेटियों को महत्व देते है  जिससे गांव में बेटियों को लिंगानुपात वर्ष 2014 में बेटो  के मुकाबले 233 प्रतिशत रहा है।
इसी प्रकार गांव के राजकीय स्कूल में बेटियों की संख्या बेटों से ज्यादा है। स्कूली शिक्षा के साथ खेलों में भी गांव की बेटियां अव्वल है और पिछले वर्ष जिला व प्रदेश स्तर पर गेम्स में कई छात्रा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। जिनमें दो छात्राओं को 30-30 हजार रुपये का पुरस्कार मिला है।ग्रामीणों ने बताया कि बेटियों को गांव में 8वीं तक का स्कूल होने से आगे पढ़ाने में परेशानी हो रही थी। जिससे सभी ने एकजुट होकर एक ऑटो फिक्स किया है। जो रोजान 9वीं से 12वीं तक की छात्राओं को गांव से बैठाकर गोरीवाला के स्कूल में ले जाता है और वापस लाता है। जिससे अधिकतर बेटियां उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही है। लेकिन अभी तक गांव की किसी बेटी को रोजगार नहीं मिलने से निराशा है।
सुविधाओं का है अभाव----
जहाँ इस गाँव ने पुरे सिरसा जिले को एक तमाचा मरते हुए भ्रूण हत्या पर रोक लगाने का सन्देश दिया है तो वहीँ यह गाँव आज भी विकास के मामले सभी गाँवो से पिछड़ा हुआ है गांव में पंचायतघर के लिए बने राजीव गांधी केंद्र में आंगनबाड़ी चलाई जा रही है। जिसका मेन गेट टूटा है जबकि शौचालय खस्ताहाल पड़े हैं। यहां स्थापित आंगनबाड़ी वर्कर शहर से आने के कारण आंगनबाड़ी अक्सर बंद रहती है।  गांव में जलघर नहीं है और गांव मुन्नावाली से दो दिन बाद सप्लाई दी जाती है। जिससे ग्रामीणों को पास से बहने वाले नहर से पानी भरकर काम चलाना पड़ रहा है। बिजली कट से भी ग्रामीणों परेशान हैं और दिनभर मे महज 3 घंटे ही बिजली आती है। यहां बस स्टैंड की भी सुविधा नहीं है। जिससे बसों के लिए पेड़ों की छांव में रुककर इंतजार करना पड़ता है।
गांव के लोग बेटा बेटी में कोई फर्क नहीं समझते और भ्रूण हत्या के पूर्ण तौर पर खिलाफ हैं। जिससे बेटियों की संख्या सबसे ज्यादा है। गांव में आमजन को जागरूक करने के लिए प्रशासन से भी मांग की जाती है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हाेती। हमने बेटियों के लिए हाई स्कूल, खेल मैदान, रोजगार के अवसर देने व जलघर बनाने के लिए कई बार प्रस्ताव प्रशासन व सरकार को भेजे हैं लेकिन कोई मांग पूरी नहीं की गई।
गांव में अधिकतर मजदूर वर्ग के लोग होने पर भी लोग खुशहाल हैं। यह बेटियो का ही आशीर्वाद है। गांव के 50 प्रतिशत से अधिक परिवारों में 3 से अधिक बेटियां है। बेटियों के प्रति बेहतर सोच से गांव में हमेशा से रही है। कई जगह ये बेटों की चाहत हो सकती है लेकिन अधिकतर जगह बेटियो  का दुलार ही है।
गाँव के जंगीर सिंह पूर्व सरपंच ने बताया कि हमारे गाँव में भ्रूण हत्या पर रोक है और पूरा गाँव बेटी को ज्यादा तवजो देता है कोई भी यहाँ पर पीछे नहीं है सभी लोग बेटियों को बेटो की बजाए ज्यादा प्यार देते है यही कारण है की हमारे गाँव ने सिरसा जिले में अनूठा रिकॉर्ड हासिल किया है 
वहीँ एस एम् ओ एम् के भादू ने बताया कि वाक्य ही गाँव मोड़ी ने पुरे डबवाली के लिए बेटी बचाओ अभियान में नसीहत दी है और यह सब गाँव की जागरूकता का परिणाम है और हमने भी हमारी तरफ से खास ध्यान दिया हुआ है और अब भी स्वस्थ्य विभाग गाँव पर स्वाथ्य सुविधाओ पर ध्यान रखा जायेगा

Wednesday, 10 June 2015

मॉडल टाउन शहर में पानी बचाओ अभियान की शुरुआत

मंडी डबवाली----
सिरसा जिला में एक मात्र मॉडल टाउन चुने गए शहर डबवाली में लोगो तक साफ़ पानी मुहैया करवाने के लिए जन स्वस्थ्य विभाग ने नई पहल की शुरुआत की है पानी को व्यर्थ बहने से रोकने एवं लोगों को स्वच्छ पेयजल मुहैया करवाने के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की स्पैशल कैंपेन शहर में शुरू हो गई। कैंपेन में शत प्रतिशत वैध पेयजल कनेक्शन भी सुनिश्चित किए जाएंगे। इसे लेकर बाल मंदिर स्कूल के नजदीक किलियांवाली एरिया में बने शहर के सबसे पुराने जलघर पर कार्यक्रम हुआ जिसके बाद 4-4 कर्मचारियों पर आधारित 10 टीमों को फार्म, स्टीकर व अन्य सामग्री देकर जागरूक्ता व सर्वे के लिए वार्डों में भेज दिया गया।
टीमों को रवाना करते हुए कैंपेन के नोडल अधिकारी व एसडीओ संकेत कुमार शर्मा ने कहा कि टीम में शामिल कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों को पानी की बचत के लिए जागरूक करें। उपभोक्ता से एक फार्म भरवाएं जिसमें उसके पेयजल व सीवरेज कनेक्शन बारे जानकारी हो। अवैध कनैक्शन होने पर उपभोक्ता को उसे रेगुलर करवाने के लिए प्रेरित करें व मौके पर ही उसकी फाईल तैयार करवाई जाए। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जाए कि घर में बने ओवरहैड व अंडर ग्राऊंड टैंक में बाल कॉक लगे हैं या नहीं ताकि टैंक भरने की स्थिति में पानी व्यर्थ न बहता रहे। इसे लगवाने के लिए लोगों को कहा जाए। जिन लोगों के पेयजल कनेक्शन पर मीटर नहीं लगवाए गए है वहां मीटर लगाना सुनिश्चित किया जाए। लोगों की पेयजल व सीवरेज से संबंधित समस्या भी फार्म में दर्ज की जाए ताकि उसका निदान किया जा सके।
वहीँ संकेत कुमार शर्मा, एसडीओ  ने बताया कि पहले चरण में 9 जून से 30 जून तक यह स्पैशल कैंपेन चलेगी। इस दौरान शहर में करीब 11 हजार घरों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। अनुमान के मुताबिक इन घरों में 80 प्रतिशत कनेक्शन पहले ही वैध है। कैंपेन के दौरान शेष 20 प्रतिशत कनेक्शन भी नियमित कर शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाएगा। इस कैंपेन से लोगों में पानी बचत को लेकर भी जागरूक्ता आएगी।
बाईट----1 संकेत शर्मा