Monday, 9 February 2015

  केजरीवाल की 'झाड़ू' ने कर दिया कमाल; आम आदमी पार्टी ऐतिहासिक जीत की ओर, बीजेपी की करारी शिकस्‍त, कांग्रेस का सूपड़ा साफ 

दिल्ली विधानसभा 2015 के चुनावों में आम आदमी पार्टी की जबर्दस्त जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरविंद केजरीवाल को फोन कर जीत की बधाई दी और चाय पर न्यौता दिया। मोदी ने केजरीवाल को कहा, आइए आपको चाय पिलाएंगे। इस पर केजरीवाल ने कहा, मैं आप से जल्द मिलने आउंगा।
 शगुन में देने जा रहे थे बाइक ट्रक ने मारी टक्कर,विवाद हाईवे पर ट्रैफिक जाम
डबवाली
चौटाला रोड हाईवे पर कॉलोनी रोड चौराहे के पास बेटी की शादी में बतौर शगुन देने जा रहे नई बाइक को पीछे से ट्रक ने साइड मार दी। जिससे बाइक सड़क पर गिर गई। इस पर बाइक चालक ट्रक चालक से भिड़ गया। दोनों चालकों के गाली गलौच के कारण हाईवे पर करीब 15 मिनट जाम लगा रहा।
बाइक चालक पंजाब निवासी भूरासिंह ने बताया की वे बेटी की शादी में शगुन में देने के लिए रामा मंडी से बाइक लेकर वडिंगखेडा़ जा रहे थे। इसी दौरान चौटाला रोड हाईवे पर कॉलोनी रोड चाैराहे के पास पीछे से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। जिससे उसकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। दुर्घटना बाइक चालक तथा उसके पीछे सवार युवक बाल बाल बच गए लेकिन बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। इससे चालक व सवार ने ट्रक चालक को नसीहत देना शुरू कर दी। जिससे दोनों में एक दूसरे की गलती होने को लेकर बहस हो गई।

Wednesday, 4 February 2015

रोडवेज विभाग की मनमानी, हिसाब से ज्यादा वसूला जा रहा है किराया 
यात्रियों ने दी शिकायत, विभाग करे कार्रवाही 
मंडी डबवाली -----------
हरियाणा में हवाई किले स्थापित करने में हरियाणा रोडवेज का कोई भी सानी नहीं है लेकिन यदि सुविधाओ को बात की जाए तो कहने में कोई बेमानी नहीं होगी की सब कुछ गोल है एक तरफ रोडवेज हररोज लाखों रुपयों की कमाई करती है लेकिन सब्र उससे भी कम ही है
रोडवेजपरिचालक यात्रियों से मनमर्जी का किराया वसूल रहे हैं, ताकि उन्हें खुले पैसे वापस करने पड़े। इससे परेशान यात्रियों ने बुधवार को बस स्टैंड पर रोडवेज डयूटी इंचार्ज को शिकायत कर मनमर्जी कर यात्रियों से अधिक किराया लेने वाले वाले परिचालकों पर कार्रवाई की मांग की।
चौटाला हाइवे पर गांव आसाखेड़ा से बस में शहर पहुंचे यात्री हंसराज परिहार, आरटीआई कार्यकर्ता श्रवण तंवर, रवि सहारण, भीमसेन, राम सिंह, ओमप्रकाश, सुनील अन्य ने बताया कि अासाखेड़ा से डबवाली तक के 22 किलोमीटर दूरी का किराया 17 रुपये है। रोडवेज परिचालक ने उनसे 18 रुपये लिए हैं। जब उन्होंने परिचालक को कहा कि किराया 17 रुपये है तो वे 18 रुपये क्यूं ले रहे हैं। अारोप है कि परिचालक ने कहा कि उन्हें 18 रुपये किराया बताया। सभी ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी रोजाना उन्हें परिचालक इसी प्रकार तय से एक रुपया अधिक किराया वसूलते हैं। साथ ही किराया तय से अधिक लिए जाने पर ऐतराज जताने वाले से अभद्र व्यवहार करते हैं। आरोप है कि कई बार परिचालक बस से नीचे उतार देने की धमकी देते हैं। यात्रियों ने बताया कि इसी प्रकार दूसरे रूटों पर भी परिचालक मनमर्जी से टिकट काटते हैं।
यात्रियोंने बस स्टैंड पहुंचकर डयूटी इंचार्ज सीताराम को शिकायत की और परिचालक पर कार्रवाई करने को कहा। यात्रियों ने कहा कि अधिक किराया वसूलने वाले परिचालकों पर विभागीय स्तर पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए।
डीआई सीताराम ने बताया कि आसाखेड़ा का किराया 17 रुपये ही है और 18 रुपये या दूसरे अन्य रूटों पर ज्यादा किराया लेने वाले परिचालकों से रिपोर्ट तलब की जाएगी। साथ सभी परिचालकों को तय किराया ही लेने के दोबारा आदेश दिए गए हैं ताकि भविष्य में कोई परेशानी हाे।
ड्यूटी इंचार्ज सीता राम को शिकायत करते आरटीआई कर्ता श्रवण कुमार तंवर।

Tuesday, 3 February 2015


करोड़ो का प्रोजेक्ट वेबसाइट में अभी खस्ताहाल बिल्डिंग। कॉलेज की साइट को जुलाई 2014 के बाद अपडेट करना भूले
मंडी डबवाली-------

बात सुनने शायद अटपटी सी लगे लेकिन सुचना और तकनीकी के युग में डबवाली के एम् मात्र लम्बे सालों के इन्तजार के बाद करोड़ो की लागत से नया कोलेज बना लेकिन वेबसाइट में अभी भी पुराने भवन से सुसज्जित ।
शहरवासियों के श्रीबालाजी एजुकेशन सोसायटी के बैनर तले लंबे संघर्ष के बाद वर्ष 2007 में शहर के पुराने अस्पताल भवन में शुरू हुए राजकीय कॉलेज को वर्ष 2014 में गांव डबवाली के पास अत्याधुनिक संसाधनयुक्त नया भवन व नाम डॉ. भीमराव अंबेडकर मिल चुका है लेकिन कॉलेज की साइट को जुलाई 2014 के बाद अपडेट नहीं किया गया है। जिससे इसमें पिछले वर्ष की जानकारियां तथा पुराना अस्पताल भवन ही दिखाया जा रहा है। जिससे ऑनलाइन रहने वाले विद्यार्थियों व अभिभावकों को कॉलेज की सही जानकारी भी नहीं मिल रही है। साइट में डॉ. पवन गर्ग ही प्रिंसिपल हैं।


भाजपा सरकार का शतक , स्तिथि नाजुक।स्टाफ तो क्या रिटायर्ड प्रिंसिपल की भी सैलरी अटकी। कॉलेज भवन में अटके तमाम प्रोजेक्ट, विद्यार्थियों भी  परेशानी।

मंडी डबवाली

जी हा आज भाजपा सरकार के 100 दिन पूरे हो रहे हैं। लेकिन  आफते कम होने नाम नही ले रही स्तिथि फिलहाल नाजुक कही जा सकती है।जिस दिन से प्रदेश में नई सरकार बनी है तब से शहर के एकमात्र राजकीय कॉलेज के स्टाफ को सैलरी नहीं मिली है। न ही कॉलेज में सरकार की कोई योजना पर काम हो रहा है। नोबत  है सरकार की ओर से रिटायरमेंट की उम्र 60 से घटाकर 58 किए जाने के फैसले के चलते रिटायर हुए प्रिंसिपल का पद खाली होना।

    सिरसा हाइवे पर गांव डबवाली के पास बने डॉ. भीमराव अंबेडकर राजकीय कॉलेज के नए भवन में शिफट होने के बाद कॉलेज के इस सत्र में तमाम सुविधाएं पूरी होने की उम्मीद थी लेकिन नई सरकार बनने के बाद 3 माह में से अधिकतर समय बिना प्रिंसिपल के गुजर गया है। जिससे काॅलेज के लिए कई प्रोजेक्ट का काम अधूरा पड़ा है वहीं स्टाफ को भी सैलरी नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। कॉलेज से 29 नवंबर को रिटायर हुए तत्कालीन प्रिंसिपल डॉ. पवन गर्ग को अभी अपनी अंतिम सैलरी और पहली पेंशन के भुगतान का इंतजार है। इसी प्रकार दूसरे डेढ़ दर्जन प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर तथा दर्जनभर नॉन टिचिंग स्टाफ काे लगातार चौथे माह सैलरी का इंतजार है। इसी प्रकार कॉलेज में आधा दर्जन एक्सटेंशन लेक्चरर को भी अपने मेहनताना पाने को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

आफत है भारी ये काम अभी भी अटके

विद्यार्थियों ने बताया कि कॉलेज में पहुंचने के लिए रोड बनाने का वादा एक दो माह में पूरा करने की बात हुई थी लेकिन प्रिंसिपल नहीं होने से पिछले 4 महिनें में विद्यार्थियों की इस समस्या पर गंभीरता नहीं बरती जा रही है। इसके अलावा खेल मैदान की तमाम व्यवस्थाएं पूरी नहीं हुई है। साथ ही लैब अपग्रेड करने का काम भी बीच में पड़ा है। स्टूडेंट के लिए कॉलेज परिसर में बनने वाले पार्क, पार्किंग और शैड का काम भी शुरू नहीं हो पाया है। कॉलेज प्रिंसिपल नियुक्त हों तो सभी कार्यों को तेजी मिलेगी और विद्यार्थियों को पूरी सुविधाएं मिलेंगी।

काॅलेज का नया भवन बन जाने के बाद क्षेत्र के विद्यार्थियों को पोस्ट ग्रेजुएट की संभी संकाय में कक्षाएं शुरू होने का भी इंतजार है। काॅलेज विद्यार्थी विनोद कुमार, राजेंद्र, संदीप सुथार, राजेश, कृष्ण चंद्र व अनिल ने बताया कि कॉलेज में पीजी कक्षएं शुरू की जानी चाहिए। इसके लि नए काॅलेज में पूरे कमरे व संसाधन भी उपलब्ध हैं। मौजूदा समय में बीए फाइनल इयर में करीब 250 से विद्यार्थी हैं जिन्हे पीजी के लिए दूसरे शहरों में जाना हाेगा।

अभी रिटायर प्रिंसिपल की भी अटकी सैलरी और पेंशन

वहीं डॉ . पवन गर्ग, रिटायर्ड प्रिंसिपल ने बताया कि मेरी रिटायरमेंट के नवंबर माह की सैलरी और बाकी बिलों का भुगतान अभी अटका हुआ है। तीन माह बाद भी दूसरे प्रिंसिपल नियुक्त नहीं होने व किसी को डीडीओ पावर नहीं मिलने से पहली पेंशन का भी इंतजार है। प्रिंसिपल नहीं होने से कॉलेज के सभी पोजेक्ट अटककर रह गए हैं। पूरे स्टाफ को सैलरी भी नहीं मिली है। इससे महंगाई के दौर में चौथा माह बिना सैलरी काटना सभी के लिए मुश्किल है।

दूसरी ओर कार्यकारी प्रिंसिपल राकेश वाधवा ने कहा किप्रिंसिपल नियुक्त नहीं होने व कॉलेज में किसी को डीडीओ पॉवर अभी नहीं मिली है। जिसके कारण कुछ काम अटके हुए हैं। सैलरी नहीं मिलने से किसी पियन या कुछ स्टाफ सदस्यों को दिक्कत है ओर कोई समस्या नहीं है। इसके बारे में मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है।

Monday, 2 February 2015

डबवाली के लोगो के लिए अच्छी खबर-
कल से शुरू हो जाएगी ऑनलाइन रजिस्ट्री, भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम
मंडी डबवाली------------
किसानो और आम लोगो के लिए अच्छी खबर है की अब रजिस्ट्री करवाने के लिए ज्यादा मशकत नहीं करनी पड़ेगी बल्कि अब सारा काम ऑनलाइन ही हो जाएगा
डबवाली के लोगो को आज से प्रदेशभर में लागू हो रही ऑनलाइन सुविधा का लाभ मिलेगा।  वहीँ इस सुविधा को शुरू कर दिया जाएगा। इससे रजिस्ट्री कराने वालों का बेवजह तहसील में चक्कर काटने और समय खराब करने की समस्या से निजात मिलेगी वहीं रजिस्ट्री की एवज में होने वाले सबसे अधिक भ्रष्टाचार का कलंक भी मिटेगा।तहसील परिसर में बने दिशा केंद्र में सोमवार को सरकार के इस फैसले का पूरा असर देखने को मिला और नेशनल इंन्फ्रामेटिक सेंटर के तहत जिला की आईटी विंग की ओर से दिशा केंद्र में ऑनलाइन  रजिस्ट्री से संबंधित उपकरणों की उपलब्धता कराई गई। जिसे मंगलवार को अवकाश के चलते सैटअप किया जाएगा और बुधवार से सभी व्यवस्थाएं लागू कर दी जाएंगी।

 चंडीगढ़ मुख्यालय से सर्वर पर सभी तहसील कार्यालयों को यूजरनेम पासवर्ड जारी किए गए हैं। जिनके तहत आवेदकों को जांच के बाद ऑनलाइन अपडेट करते हुए सर्वर के तहत तय तारीख समय दिया जाएगा।
जिससे रजिस्ट्री कराने वाले दोनों पक्षों को अपाइंटमेंट मैनेजमेंट सर्विस के तहत तारीख और समय दिया जाएगा। जिस समय पहुंचकर वे अपनी रजिस्ट्री करा सकेंगे। इसके लिए आवेदक को लिखित रजिस्ट्री जिसके साथ रकबा का रिकॉर्ड लगा हो और दोनों पक्ष तथा नंबरदार गवाह मौजूद हो। वह कंप्यूटर ऑपरेटर को दस्तावेज देगा और वह जांच कर आरसी को भेजेगा। इसके बाद आरसी दस्तावेजों फीस की जांच कर सब रजिस्ट्रार को देगा और हस्ताक्षर के बाद वह वापस आरसी के मार्फर ऑपरेटर को जाएगी। इसके साथ ही इंतकाल की फीस भी जमा कर ली जाएगी जिससे रजिस्ट्री के बाद स्वत ही इंतकाल भी तय समय में दर्ज हो जाएगा।

वहीँ अगर अब शहर के चौहान नगर में अब कोई 200 गज का प्लॉट लेता है तो उसे कलेक्टर रेट 2500 रुपये प्रति वर्ग गज की दर से वेल्यूशन करनी होगी। जो 5 लाख रुपये बनेगी। इसके लिए उसे एक हजार रुपये रजिस्ट्रेशन 250 रुपये इंतकाल शुल्क देना होगा। साथ ही महिला के लिए 5 प्रतिशत यानि 25 हजार रुपये पुरुष के लिए 7 प्रतिशत यानि 35 हजार रुपये की स्टांप ड्यूटी देनी होगी। इसके लिए क्रेता विक्रेता रिकॉर्ड के साथ नत्थी कर अपनी रजिस्ट्री लिखवाएंगे और सब रजिस्ट्रार कम तहसीलदार के पास आवेदन करेंगे। कंप्यूटर ऑपरेटर ऑनलाइन मैनेजमेंट सिस्टम के तहत प्रतिदिन 60 रजिस्ट्री के अनुसार आवेदकों को तारीख समय तय करेगा। जिस दिन पहुंचकर उन्हें रजिस्ट्री करानी होगी। यदि उपभोक्ता तत्काल रजिस्ट्री कराते हैं तो उन्हें 5 लाख की वैल्यूएशन वाली जमीन पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होगा लेकिन इससे अधिक वैल्यूएशन बनती है तो उसे तत्काली रजिस्ट्री की फीस देनी होगी।
वहीं दिशा केंद्र में अतिरिक्त उपकरण भी आए हैं और मंगलवार को पूरा सैटअप कर दिया जाएगा। बुधवार से अपाइंटमेंट मैनेजमैंट सिस्टम के तहत रजिस्ट्री सुविधा शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन 10 तत्काल रजिस्ट्री होगी

Sunday, 1 February 2015

अध्यापक यशपाल सिंह जैतों राजकीय स्कूल के कला अध्यापक ने बिना बजट के स्कूलों और संस्थानों में बनाई पेंटिंग और स्टेच्यू

डबवाली

राजकीय स्कूलों में कला अध्यापक अपनी रूचि और छवि खोते जा रहे हैं वहीं सांवतखेड़ा के स्कूल में कला अध्यापक यशपाल सिंह सबसे अलग हैं। रविवार को शहर के राजकीय सीनियर सेकंडरी स्कूल के शताब्दी समारोह में शहीद भगत सिंह के जिस प्रतिमा का लोकार्पण किया गया वह कला अध्यापक ने अपनी डयूटी टाइम के बाद कार्य करते हुए तैयार की है। फाइबर मिश्रित सामग्री से बनी प्रतिमा को बनाने में उन्हें 3 माह का समय लगा है। जिसके लिए उन्होंने न निर्माण सामग्री का चार्ज लिया है और न ही किसी प्रकार का मेहनता लिया गया है। इतना ही नहीं यशपाल सिंह रोजाना डयूटी के दौरान अपने स्कूल में और डयूटी के  बाद किसी सार्वजनिक और सार्वजनिक स्थानों पर पेटिंग व अन्य कलाकृतियां तैयार करते हैं। इसके लिए उन्हें समय नहीं मिलता तो रात को उसकी संस्थान में ठहर जाते हैं जहां काम कर रहे हों।

      कला अध्यापक यशपाल सिंह पिछले 8 साल से अपनी नियुक्ति वाले सांवतखेड़ा के राजकीय मिडल स्कूल में पंचायत के सहयोग से लगातार पेंटिंग कार्य कर रहे हैं। उन्होंने सभी कमरों पर शहीदाें की पेंटिंग बना रखी है वहीं स्कूल में शहीद भगत सिंह की प्रतिमा स्थापित की है। साथ ही विभिन्न जीव जंतुओं की आकृति वाले डस्टबिन, सफाई संकेतक बनाए हैं जबकि अब हाथी का स्टेच्यू बनाया जा रहा है। सांवतखेड़ा स्कूल उनकी पेटिंग से सजाए जाने की बदौलत वर्ष 2013-14 में खंड व जिला स्तर पर स्कूल सौंदर्यकरण में प्रथम रहा है। ये जिले में एकमात्र स्कूल है जिसने दोनों स्थान एक ही सत्र में प्राप्त किए हैं। इस वर्ष उनकी पुरानी नियुक्ति के दौरान बनाई पेटिंग वाले पन्नीवाला मोरिका स्कूल को भी सौंदर्यकरण में ब्लाॅक स्तर पर प्रथम रहा है।

चोरमार गुरुद्वारा में बना चुके 16 पेंटिंग
इसके अलावा रात्रि के समय चोरमार गुरुद्वारा में ठहरकर पेटिंग बनाते हैं जहां अब तक 16 पेटिंग बना चुके हैं। जिन्हें देखने के लिए आमजन व जिला प्रशासन के लोग अक्सर स्कूल में आते हैं। उल्लेखनीय है इससे पहले उन्होंने ढाई वर्ष गांव ओढां, 7 वर्ष गांव केवल तथा 12 वर्ष तक पन्नीवाला मोरिका में नियुक्त रहे हैं। इससे उनकी नियुक्ति वाले सभी स्कूलों में विभिन्न प्रतिमाएं, पेंटिंग व क्ले मॉडल बनी हुई है जो सभी स्कूलों को दूसरों से अलग करते हैं।


जन्म से ही है कला प्रेम

यशपाल सिंह ने बताया कि उनका जन्म पंजाब के फरीदकोट जिले के जैतों मेें 1957 में हुआ और वे 7 बहनों के इकलौते  भाई हैं। बचपन से ही कला का प्रेम रहा है और प्रेप तक की पढ़ाई के दौरान भी कलाकृतियां बनाने में रूचि रखते थे। जिससे वर्ष 1977 से 79 तक उन्होंने गुड़गांव से आर्ट एंड क्राफट का कोर्स किया जबकि वर्ष में अध्यापक नियुक्त होने के बाद से लगातार समय समय पर चंडीगढ़ के प्राचीन कला केंद्र से फाइन आर्ट की ट्रेनिंग लेते हैं। जिसे रोजाना बच्चों काे सिखाने के साथ आमजन को भी कला के प्रति प्रेरित करते हैं।

कला अध्यापक यशपाल सिंह ने वर्ष 2014 में शिक्षा विभाग में प्रदेश स्तरीय सम्मान के लिए आवेदन किया था। जिसमें उन्हें ब्लॉक स्तर से जिला स्तर पर भेजा था और वहां प्रदेश स्तर के लिए भेजा जाना था लेकिन जिला प्रशासन ने उन्हें इसके लिए उचित नहीं मानते हुए इसे रदद कर दिया। जबकि अपने विषय में साधारण स्तर की उपलब्धियां प्राप्त करने वाले अध्याकों को शिक्षा विभाग प्रदेश स्तर पर सम्मान दे चुका है।

 मेरी नजर में कला एक संस्कृति है जिसके माध्यम से हम वह संदेश दे सकते हैं जो किसी ओर माध्यम से संभव नहीं है। इसलिए लुप्त हो रही इस कला को जिंदा रखना ही उनका मकसद है। किसी भी राजकीय स्कूल, संस्थान व संस्था को कला के लिए जरूरत हो वहां मेरी निशुल्क सेवाएं हमेशा उपलब्ध रहेगी। भले ही अकेला चल रहा हूं लेकिन ये कहूं कि जित्थे कला दे कद्रदान हैं, औत्थे कल्ला ही काफी हां।